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यूपी राजनीति

देवेंद्र प्रताप सिंह: सरेनी से सपा के विधायक, 2022 में 3,807 वोट से जीत

देवेंद्र प्रताप सिंह सरेनी विधानसभा सीट से सपा के विधायक हैं। 2022 में 3,807 वोट से जीत, 2017 का नतीजा, हलफनामे की जानकारी और सीट का गणित।

देवेंद्र प्रताप सिंह (सरेनी विधायक) की प्रोफाइल का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

देवेंद्र प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश की सरेनी विधानसभा सीट (क्रमांक 182) से विधायक हैं। यह सीट रायबरेली जिले में आती है और अमेठी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में देवेंद्र प्रताप सिंह सपा के टिकट पर जीते थे।

UP Election News की इस प्रोफाइल में देवेंद्र प्रताप सिंह के चुनावी सफर, सरेनी सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।

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2022 का चुनाव: सरेनी में कितने वोट, कितना अंतर

2022 के विधानसभा चुनाव में सरेनी सीट पर देवेंद्र प्रताप सिंह (सपा) को 66,166 वोट यानी 30.53% वोट मिले। दूसरे स्थान पर धीरेंद्र बहादुर सिंह (भाजपा) रहे, जिन्हें 62,359 वोट (28.78%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 3,807 वोट रहा, जिसे बेहद करीबी जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर कांग्रेस की सुधा द्विवेदी को 42,702 वोट मिले।

इस चुनाव में सीट पर कुल 3,71,469 मतदाता थे और मतदान 58.34% रहा। मैदान में 14 उम्मीदवार थे, जबकि 1,395 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

2017 में सरेनी सीट का हाल

2017 के विधानसभा चुनाव में सरेनी सीट भाजपा के धीरेंद्र बहादुर सिंह ने जीती थी। उन्हें 65,873 वोट (32.56%) मिले थे और उन्होंने बसपा के ठाकुर प्रसाद यादव को 13,007 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 58.24% रहा था। यानी 2022 में यह सीट भाजपा के हाथ से निकलकर सपा के पास चली गई।

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चुनाव विजेता दल वोट जीत का अंतर
2017 धीरेंद्र बहादुर सिंह भाजपा 65,873 13,007
2022 देवेंद्र प्रताप सिंह सपा 66,166 3,807

हलफनामे में क्या जानकारी दी गई

2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 64 साल थी और शैक्षणिक योग्यता परास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएट) है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹2,65,98,082 (करीब 2.66 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी, जबकि देनदारियां ₹15,42,811 (करीब 15.43 लाख रुपये) बताई गई थीं। हलफनामे के मुताबिक उन पर कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं था।

ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।

रायबरेली जिले और 2027 के लिहाज से सीट

रायबरेली जिले में विधानसभा की 6 सीटें हैं। 2022 में इनमें से सपा 4, भाजपा 2 सीटें जीती थीं। सरेनी में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,51,730 से बढ़कर 3,71,469 हुई और मतदान 0.10 प्रतिशत अंक बढ़ा। नोटा को 2017 में 2,545 और 2022 में 1,395 वोट मिले थे।

मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। सरेनी में 2022 का अंतर बेहद कम था, इसलिए यहां अगली लड़ाई पर सबकी नजर रहेगी। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर देवेंद्र प्रताप सिंह का हलफनामा।

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