मनोज कुमार पांडेय उत्तर प्रदेश की ऊंचाहार विधानसभा सीट (क्रमांक 183) से विधायक हैं। यह सीट रायबरेली जिले में आती है और रायबरेली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में मनोज कुमार पांडेय सपा के टिकट पर जीते थे। जून 2025 में सपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया और विधानसभा में वे असंबद्ध सदस्य के तौर पर दर्ज हैं। वे योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
UP Election News की इस प्रोफाइल में मनोज कुमार पांडेय के चुनावी सफर, ऊंचाहार सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।
2022 का चुनाव: ऊंचाहार में कितने वोट, कितना अंतर
2022 के विधानसभा चुनाव में ऊंचाहार सीट पर मनोज कुमार पांडेय (सपा) को 82,514 वोट यानी 38.92% वोट मिले। दूसरे स्थान पर अमरपाल मौर्य (भाजपा) रहे, जिन्हें 75,893 वोट (35.79%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 6,621 वोट रहा, जिसे करीबी जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा की अंजलि मौर्य को 34,692 वोट मिले।
इस चुनाव में सीट पर कुल 3,39,043 मतदाता थे और मतदान 62.54% रहा। मैदान में 13 उम्मीदवार थे, जबकि 1,243 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
2017 में ऊंचाहार सीट का हाल
2017 के विधानसभा चुनाव में ऊंचाहार सीट सपा के मनोज कुमार पांडेय ने जीती थी। उन्हें 59,103 वोट (28.89%) मिले थे और उन्होंने भाजपा के उत्कृष्ट मौर्य को 1,934 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 63.65% रहा था। यानी 2022 में सपा ने यह सीट बरकरार रखी। मनोज कुमार पांडेय 2017 में भी इसी सीट से जीते थे, इसलिए 2022 की जीत उनकी यहां से लगातार दूसरी जीत थी।
| चुनाव | विजेता | दल | वोट | जीत का अंतर |
|---|---|---|---|---|
| 2017 | मनोज कुमार पांडेय | सपा | 59,103 | 1,934 |
| 2022 | मनोज कुमार पांडेय | सपा | 82,514 | 6,621 |
हलफनामे में क्या जानकारी दी गई
2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 47 साल थी और शैक्षणिक योग्यता स्नातक है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹16,26,48,132 (करीब 16.26 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी, जबकि देनदारियां ₹1,96,44,235 (करीब 1.96 करोड़ रुपये) बताई गई थीं। आपराधिक मामलों के कॉलम में हलफनामे के मुताबिक उन पर 2 मामले घोषित थे।
ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।
रायबरेली जिले और 2027 के लिहाज से सीट
रायबरेली जिले में विधानसभा की 6 सीटें हैं। 2022 में इनमें से सपा 4, भाजपा 2 सीटें जीती थीं। ऊंचाहार में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,25,371 से बढ़कर 3,39,043 हुई और मतदान 1.11 प्रतिशत अंक घटा। नोटा को 2017 में 2,517 और 2022 में 1,243 वोट मिले थे।
मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। ऊंचाहार में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा, उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की सूची। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर मनोज कुमार पांडेय का हलफनामा।
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