अजीत सिंह पाल उत्तर प्रदेश की सिकंदरा विधानसभा सीट (क्रमांक 207) से विधायक हैं। यह सीट कानपुर देहात जिले में आती है और इटावा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में अजीत सिंह पाल भाजपा के टिकट पर जीते थे। वे योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं।
UP Election News की इस प्रोफाइल में अजीत सिंह पाल के चुनावी सफर, सिकंदरा सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।
2022 का चुनाव: सिकंदरा में कितने वोट, कितना अंतर
2022 के विधानसभा चुनाव में सिकंदरा सीट पर अजीत सिंह पाल (भाजपा) को 89,461 वोट यानी 44.89% वोट मिले। दूसरे स्थान पर प्रभाकर पांडेय (सपा) रहे, जिन्हें 57,894 वोट (29.05%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 31,567 वोट रहा, जिसे साफ जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के लाल जी को 36,033 वोट मिले।
इस चुनाव में सीट पर कुल 3,31,601 मतदाता थे और मतदान 60.10% रहा। मैदान में 12 उम्मीदवार थे, जबकि 1,395 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
2017 में सिकंदरा सीट का हाल
2017 के विधानसभा चुनाव में सिकंदरा सीट भाजपा के मथुरा प्रसाद पाल ने जीती थी। उन्हें 87,879 वोट (45.70%) मिले थे और उन्होंने बसपा के महेंद्र कटियार बबलू को 38,103 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 60.31% रहा था। यानी 2022 में भाजपा ने यह सीट बरकरार रखी।
| चुनाव | विजेता | दल | वोट | जीत का अंतर |
|---|---|---|---|---|
| 2017 | मथुरा प्रसाद पाल | भाजपा | 87,879 | 38,103 |
| 2022 | अजीत सिंह पाल | भाजपा | 89,461 | 31,567 |
हलफनामे में क्या जानकारी दी गई
2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 43 साल थी और शैक्षणिक योग्यता परास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएट) है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹2,80,31,251 (करीब 2.80 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी, जबकि देनदारियां ₹7,18,462 (करीब 7.18 लाख रुपये) बताई गई थीं। हलफनामे के मुताबिक उन पर कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं था।
ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।
कानपुर देहात जिले और 2027 के लिहाज से सीट
कानपुर देहात जिले में विधानसभा की 4 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 4 सीटें जीती थीं। सिकंदरा में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,21,241 से बढ़कर 3,31,601 हुई और मतदान 0.21 प्रतिशत अंक घटा। नोटा को 2017 में 1,442 और 2022 में 1,395 वोट मिले थे।
मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। सिकंदरा में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा, उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की सूची। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर अजीत सिंह पाल का हलफनामा।
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