मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत मतदाता सूची विवाद मामले में निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार इकतीस अक्टूबर को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए पत्र के माध्यम से आयोग ने यह निर्देश जारी किया। इस पूरी कार्रवाई के तहत दो जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की बात सामने आई है।
प्राप्त जानकारियों के मुताबिक जिन अधिकारियों पर यह गाज गिरी है उनके नाम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी बताए गए हैं। दोनों ही अधिकारी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी यानी ईआरओ के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। आयोग द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार इन दोनों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इस निलंबन के पीछे की अन्य आंतरिक वजहों या शिकायतों को लेकर अभी तक विस्तृत आधिकारिक ब्योरे का इंतजार किया जा रहा है।
कार्रवाई और आगे की स्थिति
विस्तृत जानकारी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस विवाद के दायरे में और कौन कौन से लोग आ सकते हैं। फिलहाल आयोग के इस सख्त कदम से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति जरूर देखी जा रही है। इस मामले से जुड़े अगले घटनाक्रम और जांच की प्रगति को लेकर संबंधित विभागों द्वारा आगामी दिनों में और खुलासे किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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स्रोत: द हिंदू
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