मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत फॉर्म छह को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति को दूर कर दिया है। आयोग द्वारा इस विषय में एक नया निर्देश जारी किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मतदाताओं के मन से हर प्रकार की शंकाओं को पूरी तरह समाप्त करना है। इस संबंध में प्राप्त जानकारियों के मुताबिक, नागरिकों को अब इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की उलझन का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ कर दी गई है।
विस्तृत जानकारी के अभाव में अभी इस विषय से जुड़े अन्य प्रशासनिक पहलुओं का इंतजार किया जा रहा है कि जमीनी स्तर पर इसका किस प्रकार क्रियान्वयन होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में मुख्य रूप से उन लोगों को राहत देने का प्रयास किया गया है जो अपनी प्रविष्टियों को लेकर चिंतित थे।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान कई तरह की बातें सामने आ रही थीं, जिसके बाद आयोग को इस दिशा में कदम उठाना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के आने से प्रक्रिया से जुड़े तमाम असमंजस के बादल छंटने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
मसौदा सूची में नाम से जुड़ा प्रावधान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोग ने यह स्पष्ट रूप से कहा है कि जिन पुराने मतदाताओं के नाम वर्तमान में तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची के अंदर शामिल नहीं हैं, वे बिना किसी संकोच के फॉर्म छह का उपयोग कर सकते हैं।
प्राप्त विवरण के अनुसार, ऐसे नागरिकों द्वारा इस प्रपत्र को भरने की स्थिति में उसे किसी भी प्रकार की असत्य घोषणा के दायरे में नहीं रखा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यवस्था से पात्र व्यक्तियों को अपना नाम जुड़वाने में बड़ी सहूलियत मिलने की संभावना है।
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स्रोत: इंडिया टीवी
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