मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने देश के उत्तरी राज्यों को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से बुलेट ट्रेन नॉर्थ कॉरिडोर के निर्माण की योजना को स्वीकृति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत देश की राजधानी से उत्तर प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों तक तेज गति वाली रेल सेवा का विस्तार किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा की गई विवरण सूची के मुताबिक, इस कदम से विभिन्न बड़े शहरों के बीच की यात्रा अवधि काफी कम हो जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशाल उत्तरी कॉरिडोर नेटवर्क के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी है। नए रेल मार्ग की स्थापना से उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र सीधे तौर पर आपस में जुड़ेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर भारत के राज्यों में यात्रियों को बेहद कम समय में लंबी दूरी तय करने की सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए प्रस्तावित मार्ग पर गाड़ियों के संचालन के बाद दिल्ली से कानपुर की दूरी केवल एक घंटे पैंतालीस मिनट में पूरी होगी। इसके अतिरिक्त, देश की राजधानी से वाराणसी तक का सफर मात्र तीन घंटे तैंतीस मिनट में तय करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इस नई रेल व्यवस्था से यात्रा के समय में भारी बचत देखने को मिलेगी।
रूट विवरण और योजना का प्रभाव
रिपोर्ट के मुताबिक, इस रेल नेटवर्क का विस्तार दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों तक होगा। इसके बाद यह लाइन बिहार की राजधानी पटना से होकर पूर्वोत्तर भारत के असम स्थित गुवाहाटी शहर तक जाएगी। इस व्यापक रेल मार्ग के जरिए कई प्रमुख राज्यों के शहरी क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने की रणनीति बनाई गई है।
प्रस्तावित रेल परियोजना से आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक और पर्यटन स्थलों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। फिलहाल इस परियोजना की निर्माण समयसीमा और विस्तृत बजट से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार है।
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स्रोत: प्रभात खबर; आज तक
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