मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता के बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया और सवाल खड़े किए।
द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक कॉन्क्लेव के दौरान रविशंकर प्रसाद ने सार्वजनिक सभा में बोलते हुए राहुल गांधी के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 2024 में सांसद बनने वाले नेता को इस तरह के सवाल उठाने से पहले अपने इस्तीफे पर विचार करना चाहिए।
दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची संशोधन के मामले में कई बार अपने फैसले बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट चोरी के मामलों पर खुलकर सवालों का सामना करने की चुनौती दी, जैसा कि आज तक की रिपोर्ट में बताया गया है।
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुली बहस के चैलेंज का जवाब देते हुए कहा कि सरकार संसद के भीतर हर मुद्दे पर चर्चा कराने को पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष को संसद के पटल पर आकर बहस करने की हिम्मत दिखाने को कहा।
बहस और बयानों का दौर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पूरी बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परिपक्व लोगों के बीच ही सार्थक चर्चा संभव होती है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए मानसिक रूप से वामपंथी विचारधारा वाले लोगों को लेकर टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक बयानबाजी का यह दौर और अधिक गर्मा गया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान चुनाव प्रक्रिया, संसदीय चर्चा और राजनीतिक दलों के बीच एक दूसरे पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर सियासत तेज बनी हुई है। विभिन्न मंचों से आ रहे बयानों के बीच आगे के घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों की निगाहें टिकी हैं और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
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