आगरा कैंट विधानसभा सीट का इतिहास बताता है कि यहां हर दौर में अलग दल का दबदबा रहा। पहले कांग्रेस, फिर भाजपा और उसके बाद बसपा। पिछले दो चुनावों से यह सीट फिर भाजपा के पास है। इस लेख के आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।
कांग्रेस का दौर
आयोग के रिकॉर्ड में यह सीट 1967 से आगरा कैंटोनमेंट नाम से दर्ज है। 1967 और 1969 में कांग्रेस जीती। 1974, 1977, 1980 और 1985 में कांग्रेस के कृष्णवीर सिंह कौशल लगातार चार बार विधायक बने। 1977 में प्रदेश में जनता पार्टी की लहर थी, फिर भी यह सीट कांग्रेस के पास रही। उस चुनाव में कौशल को 27,485 वोट (46.05%) मिले। जनता पार्टी के रमेश कांत लवानिया 26,271 वोट (44.02%) के साथ सिर्फ 1,214 वोट पीछे रहे।
भाजपा और बसपा
1989 और 1991 में भाजपा के हरद्वार दुबे जीते। 1993 में भाजपा के रमेश कांत लवानिया और 1996 में केशो मेहरा विधायक बने। यानी 1989 से 1996 तक लगातार चार चुनाव भाजपा ने जीते। 1991 में हरद्वार दुबे को 39,436 वोट (46.02%) मिले। जनता दल के शिव चरण लाल मानव 29.80% के साथ दूसरे और कौशल 16.20% के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2002 में बसपा के मोहम्मद बशीर और 2007 में बसपा के जुल्फिकार अहमद भुट्टो जीते। 2002 में बशीर ने भाजपा के केशो मेहरा को 1,520 वोट से हराया। 2007 में भुट्टो को 30,524 और मेहरा को 27,149 वोट मिले। यानी दोनों बार आगरा कैंट विधानसभा सीट पर बसपा की जीत का अंतर काफी कम रहा।
परिसीमन के बाद आगरा कैंट विधानसभा सीट
2008 के परिसीमन के बाद इस सीट का क्रमांक 87 है। आयोग के 2012 और 2017 के रिकॉर्ड में यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट के रूप में दर्ज है।
2012 में बसपा के गुटियारी लाल दुवेश को 67,786 वोट (32.47%) मिले। भाजपा के गिर्राज सिंह धर्मेश 61,371 वोट (29.40%) के साथ दूसरे स्थान पर रहे। अंतर 6,415 वोट रहा। सपा 21.89% के साथ तीसरे स्थान पर रही।
आगरा कैंट विधानसभा सीट: 2017 और 2022
2017 में डॉ. गिर्राज सिंह धर्मेश ने 1,13,178 वोट (44.98%) पाकर यह सीट जीती। बसपा के गुटियारी लाल दुवेश 66,853 वोट (26.57%) पर रहे। अंतर 46,325 वोट रहा।
2022 में आयोग के रिकॉर्ड में उनका नाम डॉ. जी.एस. धर्मेश दर्ज है। उन्हें 1,17,796 वोट (46.78%) मिले। सपा के कुंवर चंद को 69,099 वोट (27.44%) मिले। अंतर 48,697 वोट रहा। बसपा के डॉ. भारतेंद्र कुमार अरुण 21.61% के साथ तीसरे स्थान पर रहे। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।
मतदाता और मतदान
आगरा कैंट विधानसभा सीट पर 2012 में 3,83,405 मतदाता थे और 54.44% मतदान हुआ। 2017 में मतदाता 4,27,525 और मतदान 59.13% रहा। 2022 में मतदाता बढ़कर 4,67,201 हो गए, लेकिन मतदान घटकर 53.90% रह गया।
2012 से 2022 के बीच बसपा का वोट शेयर 32.47% से घटकर 21.61% पर आया। फिर भी 2022 में उसे यहां पांच में से एक से ज्यादा वोट मिले। 2027 में आगरा कैंट विधानसभा सीट पर मुकाबला भाजपा, सपा और बसपा के बीच तीन-तरफा रह सकता है।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1967 से 2022)।


