बरेली कैंट विधानसभा सीट: परिसीमन से पहले भाजपा कभी नहीं जीती, 2012 से लगातार तीन जीत

बरेली कॉलेज की लाल रंग की इमारत, घंटाघर और सामने पेड़ों से घिरा रास्ता
ArmouredCyborg / Wikimedia Commons, लाइसेंस: CC BY-SA 4.0 (बरेली कॉलेज)

संक्षेप में

  • बरेली कैंट विधानसभा सीट (क्रमांक 125) बरेली जिले में है।
  • परिसीमन से पहले बरेली कैंटोनमेंट सीट पर भाजपा कभी नहीं जीती; 1974 में भारतीय जनसंघ जीता था।
  • और 2017 में भाजपा के राजेश अग्रवाल, 2022 में भाजपा के संजीव अग्रवाल जीते।
  • में जीत का अंतर 10,768 वोट रहा; सपा की सुप्रिया ऐरन दूसरे स्थान पर रहीं।

बरेली कैंट विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास 2008 के परिसीमन से पहले और बाद में बिल्कुल अलग दिखता है। पहले यहां कांग्रेस, जनता दल, सपा और निर्दलीय जीतते रहे। 2012 से भाजपा लगातार तीन चुनाव जीत चुकी है। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।

बरेली कैंट विधानसभा सीट की पहचान

2008 के परिसीमन के बाद इस सीट का क्रमांक 125 है। परिसीमन से पहले यह बरेली कैंटोनमेंट नाम से 51 और फिर 35 नंबर की सीट थी। परिसीमन में इसकी सीमाएं भी बदलीं। 2022 में यहां 3,78,743 मतदाता थे और 51.79% मतदान हुआ।

परिसीमन से पहले

1974 में भारतीय जनसंघ के बदाम सिंह जीते। 1977 और 1980 में कांग्रेस के अशफाक अहमद विधायक बने। 1985 में भी कांग्रेस जीती। 1989 में जनता दल के प्रवीण सिंह ऐरन को जीत मिली।

1991 में कांग्रेस के इस्लाम साबिर जीते। 1993 में सपा के टिकट पर प्रवीण सिंह ऐरन फिर विधायक बने। 1996 में सपा के अशफाक अहमद ने 40.04% वोट लेकर कांग्रेस को 12,605 वोटों से हराया। 2002 में निर्दलीय उम्मीदवार जीते, जिनका नाम आयोग के रिकॉर्ड में शहलिन इस्लाम दर्ज है। उन्हें 27.38% वोट मिले और कांग्रेस के प्रवीण सिंह ऐरन 20.60% पर रहे। भाजपा 16.53% के साथ तीसरे स्थान पर थी। 2007 में बसपा के वीरेंद्र सिंह जीते।

2012 से भाजपा

परिसीमन से पहले भाजपा के राजेश अग्रवाल बरेली शहर सीट से 1996, 2002 और 2007 में जीते थे। 2012 में वह बरेली कैंट विधानसभा सीट से लड़े। उन्हें 51,893 वोट (33.71%) मिले। सपा के फहीम साबिर अंसारी को 32,944 वोट मिले। अंतर 18,949 वोट रहा।

2017 में सपा-कांग्रेस गठबंधन में यह सीट कांग्रेस को मिली। राजेश अग्रवाल ने कांग्रेस के मुजाहिद हसन खान को 12,664 वोटों से हराया। उन्हें 48.50% वोट मिले। वह योगी सरकार में वित्त मंत्री बने।

मतदान

बरेली कैंट विधानसभा सीट पर मतदान 2012 में 53.31% और 2017 में 53.49% रहा। 2022 में यह घटकर 51.79% हुआ। इसी दौरान मतदाता 2,88,754 से बढ़कर 3,78,743 हो गए।

2022 का नतीजा

2022 में भाजपा ने संजीव अग्रवाल को उतारा। उन्हें 98,931 वोट (50.43%) मिले। सपा की सुप्रिया ऐरन को 88,163 वोट (44.94%) मिले। अंतर 10,768 वोट रहा। बसपा सिर्फ 1.72% पर सिमटी। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।

विश्लेषण: 2027 में बरेली कैंट विधानसभा सीट

भाजपा का वोट शेयर यहां हर चुनाव में बढ़ा है। यह 2012 के 33.71% से 2017 में 48.50% और 2022 में 50.43% हुआ। लेकिन जीत का अंतर लगातार घटा है। यह 18,949 से घटकर 12,664 और फिर 10,768 पर आ गया।

आंकड़े दिखाते हैं कि विपक्ष का वोट धीरे-धीरे एक उम्मीदवार के पीछे जुटा। 2012 में यह सपा, इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल और दूसरे दलों में बंटा था। तब इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अनीस अहमद खान को 15.82% वोट मिले थे। 2022 में सपा अकेले करीब 45% वोट ले गई। 2027 में बरेली कैंट विधानसभा सीट पर मुकाबला करीबी रहने के संकेत हैं।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1974 से 2022)।

स्रोत

  1. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2022 - Statistical Reports
  2. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2017 - Statistical Reports
  3. ECI: Uttar Pradesh Legislative Assembly 2012 - Statistical Report
  4. ECI: Statistical Reports index (UP 1974-2007 assembly elections)
  5. Wikimedia Commons: Bareilly College 02

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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