यूपी में छोटे दलों का वोट शेयर भले कम हो, लेकिन उनकी भूमिका बड़ी है। ज्यादातर छोटे दल बड़े दलों के साथ गठबंधन में सीमित सीटों पर लड़ते हैं। इसलिए कुल वोट प्रतिशत कम दिखता है, पर सीटें जीतने की दर अच्छी रहती है। यह लेख चुनाव आयोग के 2022 और 2024 के आंकड़ों पर आधारित है।
2024 लोकसभा चुनाव में छोटे दलों का वोट शेयर
2024 में यूपी की 80 सीटों पर ज्यादातर छोटे दल बहुत कम सीटों पर लड़े। आयोग के आंकड़ों के अनुसार:
- रालोद: 2 सीटों पर लड़ी, दोनों जीतीं। वोट शेयर 1.02%। बागपत और बिजनौर में जीत।
- अपना दल (एस): 2 सीटों पर लड़ी, 1 जीती। वोट शेयर 0.93%। मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल जीतीं, रॉबर्ट्सगंज में हार।
- आजाद समाज पार्टी (कांशीराम): 4 सीटों पर लड़ी, 1 जीती। वोट शेयर 0.69%। नगीना से चंद्रशेखर आजाद जीते।
- सुभासपा: 1 सीट घोसी पर लड़ी और हारी। वोट शेयर 0.39%।
रालोद, अपना दल (एस) और सुभासपा तब भाजपा के NDA गठबंधन में थे। आजाद समाज पार्टी अकेले लड़ी थी।
लड़ी गई सीटों पर छोटे दलों का वोट शेयर
कुल वोट शेयर कम है, लेकिन लड़ी गई सीटों पर तस्वीर अलग है। बागपत में रालोद को 52.65% वोट मिले। नगीना में चंद्रशेखर आजाद को 51.46% वोट मिले। मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल को 43.25% वोट मिले।
घोसी में सुभासपा के अरविंद राजभर को 29.66% और रॉबर्ट्सगंज में अपना दल (एस) की रिंकी सिंह को 33.98% वोट मिले। यानी हार वाली सीटों पर भी इन दलों को अच्छा समर्थन मिला।
निर्दलीय और अन्य
2024 में यूपी में 278 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे। आयोग के आंकड़ों के अनुसार उन्हें मिलाकर कुल वैध वोटों का 1% से भी कम मिला। कोई निर्दलीय उम्मीदवार नहीं जीता।
2022 में छोटे दलों का वोट शेयर
2022 में छोटे दलों ने विधानसभा की कई सीटें जीतीं। आयोग की दलवार रिपोर्ट के अनुसार:
- अपना दल (एस): 17 सीटों पर लड़ी, 12 जीतीं, वोट शेयर 1.62%
- रालोद: 33 सीटों पर लड़ी, 8 जीतीं, वोट शेयर 2.85%
- सुभासपा: 19 सीटों पर लड़ी, 6 जीतीं, वोट शेयर 1.36%
- निषाद पार्टी: 10 सीटों पर लड़ी, 6 जीतीं, वोट शेयर 0.91%
- जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक): 16 सीटों पर लड़ी, 2 जीतीं
तब रालोद और सुभासपा सपा के साथ थे। अपना दल (एस) और निषाद पार्टी भाजपा के साथ थे। छोटे दलों के पुराने रिकॉर्ड पर यूपी में छोटे दलों का रिकॉर्ड लेख पढ़ें।
विश्लेषण: गठबंधन से बढ़ती ताकत
आंकड़े बताते हैं कि यूपी में छोटे दलों का वोट शेयर कुल मिलाकर 1-3% के बीच रहता है। लेकिन उनका वोट कुछ इलाकों और समुदायों में केंद्रित है। इसी वजह से बड़े दल उनसे गठबंधन करते हैं। 2022 और 2024 के बीच रालोद और सुभासपा ने पाला बदला। 2027 में कौन किसके साथ रहेगा, इसका असर कई सीटों पर पड़ सकता है। 2024 का पूरा नतीजा यूपी लोकसभा चुनाव 2024 लेख में है। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्टें।


