शामली के भाजपा नेता और पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हरबीर मलिक शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद हरबीर मलिक और उनके साथ कई कार्यकर्ताओं ने सपा की सदस्यता ली। रिपोर्ट के अनुसार वे करीब तीन दशक तक भाजपा में सक्रिय रहे।
लखनऊ में अखिलेश यादव की मौजूदगी में ली सदस्यता
जनतंत्र टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसी दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ली। इनमें हरबीर मलिक के अलावा पूर्व प्रत्याशी सिवान सैनी, राजपाल सैनी और पवन सैनी भी शामिल रहे। शुभेंद्र आचार्य, संजीव प्रधान, राजेंद्र मलिक, विजेंद्र मलिक, शुभम मलिक और राजनेंद्र सिंह ने भी सपा का दामन थामा। रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम में कैराना से सपा सांसद इकरा हसन भी मौजूद रहीं।
हरबीर मलिक का आरोप और भाजपा का नोटिस
अमर उजाला के अनुसार, हरबीर मलिक ने भाजपा में अपनी अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, भाजपा ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सोशल मीडिया पर साझा जानकारी में यह भी कहा गया है कि वे पहले भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके हैं। इस दावे की पुष्टि किसी आधिकारिक बयान से नहीं हो सकी है।
शामली सीट से टिकट को लेकर चर्चा
रिपोर्ट के मुताबिक, हरबीर मलिक के सपा में आने के बाद शामली विधानसभा सीट से उनकी दावेदारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि उन्होंने अभी तक शामली से प्रत्याशी बनने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है, और सपा ने भी इस पर कुछ नहीं कहा है। अमर उजाला के अनुसार, सपा में पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के पुत्र अखिल बंसल और दीपा पंवार भी इस सीट से टिकट की तैयारी में हैं।
शामली सीट का चुनावी गणित
भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2022 के विधानसभा चुनाव में शामली सीट पर रालोद के प्रसन्न कुमार ने भाजपा के तेजेंद्र सिंह को 7,107 वोटों से हराया था। प्रसन्न कुमार को 1,03,070 वोट (48.86%) और तेजेंद्र सिंह को 95,963 वोट (45.49%) मिले थे। 2017 में यह सीट भाजपा के तेजेंद्र निरवाल ने 29,720 वोटों से जीती थी। 2022 में रालोद सपा गठबंधन में थी, जबकि अब वह भाजपा के नेतृत्व वाले NDA का हिस्सा है। इसलिए 2027 में इस सीट का गठबंधन गणित 2022 से अलग होगा। सीट का पूरा ब्योरा शामली विधानसभा सीट 2027 का विश्लेषण में पढ़ें।
यह भी पढ़ें: समाजवादी पार्टी का इतिहास: 1992 में स्थापना से 2024 तक | यूपी चुनाव 2022 के नतीजे: NDA को 273, सपा गठबंधन को 125 सीटें
स्रोत: अमर उजाला, जनतंत्र टीवी; भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 और 2017 के परिणाम।


