कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर: अतरौली से 9 जीत, दो बार यूपी के मुख्यमंत्री

सूरतगढ़ में 2015 के सरकारी कार्यक्रम के मंच पर राजस्थान के तत्कालीन राज्यपाल कल्याण सिंह और अन्य नेता
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) / Wikimedia Commons, लाइसेंस: GODL-India (19 फरवरी 2015, सूरतगढ़)

संक्षेप में

  • अतरौली से कल्याण सिंह 1969 से 2002 के बीच कई बार जीते; 1980 में हारे।
  • वे 24 जून 1991 से 6 दिसंबर 1992 और 21 सितंबर 1997 से 12 नवंबर 1999 तक मुख्यमंत्री रहे।
  • में वे अतरौली और कासगंज, 1996 में अतरौली और डिबाई से जीते।
  • में वे राष्ट्रीय क्रांति पार्टी से अतरौली और डिबाई, दोनों से जीते।

कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर अलीगढ़ जिले की अतरौली सीट से जुड़ा है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में वे इस सीट से 1969 से 2002 के बीच नौ बार जीते दर्ज हैं। वे दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। इस लेख के आंकड़े चुनाव आयोग और उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड से हैं।

जनसंघ से जनता पार्टी तक

1969 और 1974 में कल्याण सिंह भारतीय जनसंघ के टिकट पर अतरौली से जीते। 1967 में भी यह सीट जनसंघ ने जीती थी, जहां विजेता का नाम आयोग के रिकॉर्ड में के. सिंह दर्ज है।

1977 में वे जनता पार्टी के टिकट पर जीते। उन्हें 44,439 वोट (59.37%) मिले और कांग्रेस के अमर सिंह 33.83% पर रहे। अंतर 19,118 वोट रहा।

1980 की हार

1980 में कल्याण सिंह भाजपा के उम्मीदवार थे। इस बार कांग्रेस (इंदिरा) के अनवर खान ने उन्हें 2,533 वोट से हराया। अनवर खान को 37.74% और कल्याण सिंह को 34.70% वोट मिले। 1969 के बाद अतरौली के रिकॉर्ड में यह उनकी इकलौती हार है। कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर इस हार के बाद भाजपा के साथ नए दौर में पहुंचा।

भाजपा का दौर और मुख्यमंत्री पद

1985 में उन्होंने 58,706 वोट (55.97%) पाकर अनवर खान को 19,852 वोट से हराया। 1989 में भी वे भाजपा के टिकट पर जीते। 1991 में भी अतरौली भाजपा के पास रही। उस साल के रिकॉर्ड में विजेता का नाम कल्याण सिंह मढ़ौली दर्ज है, जिन्हें 54.78% वोट मिले।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड के मुताबिक, कल्याण सिंह 24 जून 1991 को पहली बार मुख्यमंत्री बने। उनका पहला कार्यकाल 6 दिसंबर 1992 तक चला। 1991 के चुनाव में भाजपा ने 221 सीटें जीतकर पहली बार प्रदेश में अकेले बहुमत हासिल किया था।

कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर: दो-दो सीटों से जीत

1993 में वे अतरौली के साथ कासगंज से भी लड़े और दोनों जगह जीते। अतरौली में उन्हें 73,789 वोट (54.55%) मिले। कासगंज में उन्होंने सपा के शैलेश कुमार यादव को 24,258 वोट से हराया।

1996 में वे अतरौली और डिबाई से जीते। डिबाई में उन्हें 79,997 वोट (67.94%) मिले और अंतर 59,404 वोट रहा। अतरौली में उन्हें 58.17% वोट मिले।

कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर 1997 में फिर शीर्ष पर पहुंचा। 21 सितंबर 1997 को वे दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। विधानसभा के रिकॉर्ड में यह कार्यकाल 12 नवंबर 1999 तक दर्ज है।

राष्ट्रीय क्रांति पार्टी

2002 के चुनाव में कल्याण सिंह राष्ट्रीय क्रांति पार्टी (RTKP) के उम्मीदवार थे। वे अतरौली और डिबाई, दोनों सीटों से जीते। अतरौली में उन्हें 61,838 वोट (46.26%) मिले, जबकि भाजपा की उमेश कुमारी 19.96% पर रहीं। डिबाई में उन्हें 43.60% वोट मिले।

कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर: आंकड़ों में

कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर चार दलों की पहचान से गुजरा: जनसंघ, जनता पार्टी, भाजपा और राष्ट्रीय क्रांति पार्टी। इसके बावजूद अतरौली के मतदाता ज्यादातर उनके साथ रहे। 1993 और 1996 में उन्हें यहां 54% से ज्यादा वोट मिले। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1967 से 2002); उत्तर प्रदेश विधानसभा का आधिकारिक रिकॉर्ड।

स्रोत

  1. ECI: Statistical Reports, Uttar Pradesh Legislative Assembly (1969-2002)
  2. Uttar Pradesh Legislative Assembly: Former Chief Ministers (official record)
  3. Wikimedia Commons: Narendra Modi addressing at the launch of the Soil Health Card Scheme, Suratgarh (with Governor Kalyan Singh)

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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