कन्नौज विधानसभा सीट इत्र नगरी कन्नौज की शहरी और ग्रामीण आबादी को मिलाकर बनी है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2002 से 2017 तक यहां समाजवादी पार्टी लगातार जीती, लेकिन 2022 में भाजपा ने यह सीट छीन ली। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।
कन्नौज विधानसभा सीट की पहचान
2008 के परिसीमन के बाद इस सीट का क्रमांक 198 है। इससे पहले यह 308 और फिर 292 नंबर की सीट थी। 1957 से यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2022 में यहां 4,28,851 मतदाता थे और 63.29% मतदान हुआ।
शुरुआती दशक
1957 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के होरी लाल जीते। 1962 और 1967 में कांग्रेस के पति राम को जीत मिली। 1969 में भारतीय क्रांति दल के बिहारी लाल विधायक बने। 1974 में भारतीय जनसंघ और 1977 में जनता पार्टी के झम लाल अहिरवार जीते। 1980 और 1985 में कांग्रेस के बिहारी लाल दोहरे विधायक बने। 1989 में जनता दल के कल्याण सिंह दोहरे जीते।
भाजपा के बनवारी लाल दोहरे
1991, 1993 और 1996 में भाजपा के बनवारी लाल दोहरे जीते। 1996 का मुकाबला बेहद करीबी था। उन्होंने सपा के कल्याण सिंह दोहरे को सिर्फ 878 वोटों से हराया।
सपा के चार लगातार चुनाव
2002 में सपा के कल्याण सिंह दोहरे ने बनवारी लाल दोहरे को 1,802 वोटों से हराया। 2007 में सपा के अनिल कुमार जीते। उन्होंने बसपा के टिकट पर लड़े कल्याण सिंह दोहरे को 8,413 वोटों से हराया।
2012 में कन्नौज विधानसभा सीट पर अनिल कुमार दोहरे ने 95,702 वोट (46.11%) हासिल किए। उन्होंने बसपा के महेंद्र नीम दोहरे को 45,682 वोटों से हराया। 2017 में मुकाबला कड़ा रहा। अनिल दोहरे ने भाजपा के बनवारी लाल दोहरे को सिर्फ 2,454 वोटों से हराया।
मतदान का रुझान
कन्नौज विधानसभा सीट पर मतदान 2012 में 57.28% था। 2017 में यह बढ़कर 64.34% हुआ और 2022 में 63.29% रहा। इसी दौरान मतदाताओं की संख्या 3,62,326 से बढ़कर 4,28,851 हो गई। 2007 में बनवारी लाल दोहरे 38,188 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि 2017 में वह दूसरे स्थान पर पहुंचे।
2022: भाजपा की वापसी
2022 में भाजपा ने पूर्व IPS अधिकारी असीम अरुण को उतारा। उन्हें 1,20,876 वोट (44.53%) मिले। सपा के अनिल कुमार दोहरे को 1,14,786 वोट (42.29%) मिले। अंतर 6,090 वोट रहा। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।
विश्लेषण: 2027 में कन्नौज विधानसभा सीट
पिछले तीन चुनावों में यहां जीत का अंतर तेजी से घटा-बढ़ा है। 2012 में सपा 45 हजार से ज्यादा वोटों से जीती थी। 2017 में यह अंतर ढाई हजार से कम रह गया। 2022 में भाजपा करीब छह हजार वोटों से जीती।
बसपा का वोट 2017 के 17.93% से 2022 में काफी घटा, और मुकाबला सपा और भाजपा के बीच सिमटा। 2024 में अखिलेश यादव कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसलिए 2027 में कन्नौज विधानसभा सीट पर दोनों दलों की नजर रहेगी।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1957 से 2022)।


