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राष्ट्रीय राजनीति

KSTP सड़क परियोजना क्या थी: 2006 का केरल प्रसंग

केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट विश्व बैंक सहायता से चली सड़क योजना थी। ज्ञानेश कुमार तब PWD सचिव/प्रोजेक्ट डायरेक्टर थे।

KSTP सड़क परियोजना क्या थी: 2006 का केरल प्रसंग
फोटो: Wikimedia Commons / Neeraj Dangi (CC BY-SA 4.0)

केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े 2006 के सड़क विकास मामलों को लेकर चर्चाएं सामने आई हैं। विश्व बैंक की सहायता से संचालित इस सड़क परियोजना के दौरान बिल भुगतान को लेकर एक मलेशियाई इंजीनियर के आरोपों और उसके बाद के घटनाक्रम का जिक्र मीडिया रिपोर्टों में किया गया है। कांग्रेस और विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों के बीच इस पुराने मामले की प्रशासनिक जांच और उससे जुड़ी रिपोर्टों पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हुआ है।

ज्ञानेश कुमार और KSTP का परिचय

ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और वह 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनके खिलाफ यह चर्चा उनके केरल में लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी सचिव और केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट यानी केएसटीपी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहने के समय से जुड़ी है। यह प्रशासनिक जिम्मेदारी लगभग 2006 की अवधि की है।

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केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट एक विश्व बैंक सहायता प्राप्त सड़क परियोजना थी। मीडिया रिपोर्टों में इस योजना के अंतर्गत एमसी रोड यानी अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक के सड़क हिस्से के अपग्रेडेशन का जिक्र किया गया है। सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाएं शामिल थीं।

मलेशियाई इंजीनियर के आरोप और आत्महत्या का प्रसंग

इस परियोजना के दौरान एक मलेशियाई इंजीनियर ली सी बीन से जुड़े घटनाक्रम ने तूल पकड़ा था। ली सी बीन पीएटीआई-बीईएल कंसोर्टियम से संबंधित थे। रिपोर्टों में दावा किया गया कि बिल क्लियर करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। इस मामले में शिकायतकर्ता साजन ने लगभग दो करोड़ रुपये का आंकड़ा बताया था।

इस प्रकरण के बीच नवंबर 2006 में मलेशिया में ली सी बीन ने आत्महत्या कर ली थी। रिपोर्टों के अनुसार उनका कोई नोट सार्वजनिक नहीं हुआ था। इसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई थी और तत्कालीन सीपीआईएम सरकार ने दिसंबर 2006 में ज्ञानेश कुमार को पीडब्ल्यूडी सचिव पद से हटा दिया था तथा मामले की जांच शुरू की थी।

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वर्तमान राजनीतिक संदर्भ और जांच की स्थिति

वर्ष 2026 में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठाए जा रहे सवालों के बीच यह पुराना मामला एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट यानी पीसी एक्ट की धारा 17ए के तहत विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो यानी वीएसीबी को प्रारंभिक जांच की मंजूरी दी है।

इस सिलसिले में केरल विधानसभा में भी बयान सामने आए। लोक निर्माण विभाग मंत्री पीके बशीर ने विधानसभा में जानकारी दी कि इस मामले में प्रारंभिक जांच चल रही है और रिपोर्ट अभी उपलब्ध नहीं है। अक्टूबर 2026 की कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि वर्ष 2007 की जांच में कोई प्रक्रियागत खामी नहीं मिली थी, फिर भी नई शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार पर रिश्वत आरोप वाली खबर | पीलीभीत मतदाता सूची विवाद | अनंत सिंह जमानत खबर

स्रोत: The Hindu, The Indian Express, Hindustan Times, Economic Times (अक्टूबर-नवंबर 2026); The Indian Express

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