विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजनीति

लोकसभा चुनाव 2024 में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: 6 सीटों में निर्दलीय को 2, जानिए बाकी दलों का हाल

2024 के लोकसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की 6 सीटों में निर्दलीय को 2, नेशनल कॉन्फ्रेंस को 2, भाजपा को 2 सीट मिली। औसत मतदान करीब 58.92% रहा।

लोकसभा चुनाव 2024 में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नतीजों का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

2024 के लोकसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की 6 सीटों पर निर्दलीय को 2, नेशनल कॉन्फ्रेंस को 2, भाजपा को 2 सीट मिली। भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट के आधार पर UP Election News की इस रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नतीजे, दलों का वोट शेयर, मतदान और सबसे करीबी मुकाबलों का ब्योरा दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: दलवार सीटें और वोट शेयर

दल सीटें कुल वोट वोट शेयर
भाजपा 2 12,90,620 24.58%
नेशनल कॉन्फ्रेंस 2 11,47,041 21.84%
कांग्रेस 0 10,36,190 19.73%
निर्दलीय 2 8,23,184 15.68%
पीडीपी 0 4,35,980 8.30%
JAKAP 0 2,08,149 3.96%
JPC 0 1,74,890 3.33%

तालिका: UP Election News। वोट शेयर नोटा को छोड़कर कुल वैध मतों पर आधारित है, जैसा चुनाव आयोग अपनी रिपोर्ट में गिनता है।

विज्ञापन

मतदाता और मतदान

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जिन 6 सीटों पर मतदान हुआ, वहां कुल 89,92,924 पंजीकृत मतदाता थे और 52,98,528 वोट पड़े। यानी औसत मतदान करीब 58.92% रहा। नोटा को कुल 35,700 वोट मिले।

सबसे करीबी और सबसे बड़े अंतर वाली सीटें

सीट विजेता दल उपविजेता दल अंतर
लद्दाख निर्दलीय कांग्रेस 27,862
उधमपुर भाजपा कांग्रेस 1,24,373
जम्मू भाजपा कांग्रेस 1,35,498
श्रीनगर नेशनल कॉन्फ्रेंस पीडीपी 1,88,416
बारामूला निर्दलीय नेशनल कॉन्फ्रेंस 2,04,142
अनंतनाग-राजौरी नेशनल कॉन्फ्रेंस पीडीपी 2,81,794

ऊपर की 3 पंक्तियां सबसे करीबी और नीचे की 3 सबसे बड़े अंतर वाली जीत हैं। लद्दाख में जीत का अंतर सिर्फ 27,862 वोट रहा, जबकि अनंतनाग-राजौरी में विजेता 2,81,794 वोटों से जीता।

राज्यवार ब्योरा

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सीटें विजेता दल मतदान
जम्मू-कश्मीर 5 नेशनल कॉन्फ्रेंस 2, भाजपा 2, निर्दलीय 1 58.65%
लद्दाख 1 निर्दलीय 1 71.19%

उम्मीदवार, आरक्षित सीटें और विजेताओं की उम्र

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की 6 सीटों पर कुल 103 उम्मीदवार मैदान में थे, यानी औसतन करीब 17.2 उम्मीदवार प्रति सीट। इनमें 7 महिला उम्मीदवार थीं। इनमें 0 सीटें अनुसूचित जाति और 1 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित थीं। जमानत बचाने के लिए उम्मीदवार को कुल वैध मतों का छठा हिस्सा (करीब 16.67%) पाना होता है; जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 89 उम्मीदवार इस सीमा तक नहीं पहुंचे। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में विजेताओं की उम्र 46 से 67 साल के बीच दर्ज है और औसत उम्र करीब 59 साल रही। 4 सीटों पर विजेता को 50% या उससे ज्यादा वोट मिले। सभी उम्मीदवारों को कुल मिलाकर 45,777 वोट डाक मतपत्र से मिले।

विज्ञापन

विश्लेषण

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सबसे ज्यादा सीटें निर्दलीय को मिलीं। दिलचस्प यह है कि सबसे ज्यादा वोट भाजपा को मिले (24.58%), जबकि सीटें निर्दलीय को ज्यादा मिलीं। यह फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली का असर है, जिसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला जीतता है। JPC (3.33%), पीडीपी (8.30%), JAKAP (3.96%), कांग्रेस (19.73%) को अच्छा-खासा वोट मिलने के बावजूद कोई सीट नहीं मिली। इस चुनाव में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से 0 महिला सांसद चुनी गईं। 0 सीटों पर जीत का अंतर 20,000 वोट से कम रहा।

भारत में लोकसभा चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से होते हैं। इसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, चाहे उसे 50% से कम वोट मिले हों। इसी वजह से किसी दल का वोट शेयर और उसकी सीटों की संख्या हमेशा एक अनुपात में नहीं होती। राज्यों के नतीजों को समझने के लिए सीटें और वोट शेयर दोनों देखना जरूरी है।

राष्ट्रीय तस्वीर

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी (इनमें सूरत की वह सीट भी शामिल है जहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए)। कांग्रेस को 99 और सपा को 37 सीटें मिलीं। 18वीं लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है। देश और उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े आंकड़ों के लिए UP Election News पढ़ते रहें।

यह भी पढ़ें:

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (रिपोर्ट 33: निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा 2024 सांख्यिकीय रिपोर्ट।

विज्ञापन

और पढ़ें: आपके लिए चुनी गई ख़बरें → (प्रायोजित)

विज्ञापन
विज्ञापन