2024 के लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की 11 सीटों पर भाजपा को 10, कांग्रेस को 1 सीट मिली। भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट के आधार पर UP Election News की इस रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के नतीजे, दलों का वोट शेयर, मतदान और सबसे करीबी मुकाबलों का ब्योरा दिया गया है।
छत्तीसगढ़: दलवार सीटें और वोट शेयर
| दल | सीटें | कुल वोट | वोट शेयर |
|---|---|---|---|
| भाजपा | 10 | 79,30,096 | 53.13% |
| कांग्रेस | 1 | 61,83,101 | 41.43% |
| निर्दलीय | 0 | 3,22,186 | 2.16% |
तालिका: UP Election News। वोट शेयर नोटा को छोड़कर कुल वैध मतों पर आधारित है, जैसा चुनाव आयोग अपनी रिपोर्ट में गिनता है।
मतदाता और मतदान
छत्तीसगढ़ की जिन 11 सीटों पर मतदान हुआ, वहां कुल 2,06,78,667 पंजीकृत मतदाता थे और 1,50,83,307 वोट पड़े। यानी औसत मतदान करीब 72.94% रहा। नोटा को कुल 1,35,725 वोट मिले।
सबसे करीबी और सबसे बड़े अंतर वाली सीटें
| सीट | विजेता दल | उपविजेता दल | अंतर |
|---|---|---|---|
| कांकेर | भाजपा | कांग्रेस | 1,884 |
| कोरबा | कांग्रेस | भाजपा | 43,283 |
| राजनांदगांव | भाजपा | कांग्रेस | 44,411 |
| रायगढ़ | भाजपा | कांग्रेस | 2,40,391 |
| दुर्ग | भाजपा | कांग्रेस | 4,38,226 |
| रायपुर | भाजपा | कांग्रेस | 5,75,285 |
ऊपर की 3 पंक्तियां सबसे करीबी और नीचे की 3 सबसे बड़े अंतर वाली जीत हैं। कांकेर में जीत का अंतर सिर्फ 1,884 वोट रहा, जबकि रायपुर में विजेता 5,75,285 वोटों से जीता।
उम्मीदवार, आरक्षित सीटें और विजेताओं की उम्र
छत्तीसगढ़ की 11 सीटों पर कुल 220 उम्मीदवार मैदान में थे, यानी औसतन करीब 20.0 उम्मीदवार प्रति सीट। इनमें 29 महिला उम्मीदवार थीं। इनमें 1 सीटें अनुसूचित जाति और 4 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित थीं। जमानत बचाने के लिए उम्मीदवार को कुल वैध मतों का छठा हिस्सा (करीब 16.67%) पाना होता है; छत्तीसगढ़ में 198 उम्मीदवार इस सीमा तक नहीं पहुंचे। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में विजेताओं की उम्र 43 से 70 साल के बीच दर्ज है और औसत उम्र करीब 55 साल रही। 5 सीटों पर विजेता को 50% या उससे ज्यादा वोट मिले। सभी उम्मीदवारों को कुल मिलाकर 37,323 वोट डाक मतपत्र से मिले।
विश्लेषण
छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा सीटें भाजपा को मिलीं। इस चुनाव में छत्तीसगढ़ से 3 महिला सांसद चुनी गईं। 1 सीटों पर जीत का अंतर 20,000 वोट से कम रहा।
भारत में लोकसभा चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से होते हैं। इसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, चाहे उसे 50% से कम वोट मिले हों। इसी वजह से किसी दल का वोट शेयर और उसकी सीटों की संख्या हमेशा एक अनुपात में नहीं होती। राज्यों के नतीजों को समझने के लिए सीटें और वोट शेयर दोनों देखना जरूरी है।
राष्ट्रीय तस्वीर
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी (इनमें सूरत की वह सीट भी शामिल है जहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए)। कांग्रेस को 99 और सपा को 37 सीटें मिलीं। 18वीं लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है। देश और उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े आंकड़ों के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (रिपोर्ट 33: निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा 2024 सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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