पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भाजपा ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा को 208 सीटें मिलीं। इसमें फाल्टा सीट का पुनर्मतदान के बाद आया नतीजा भी शामिल है। तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई और उसका 15 साल का शासन खत्म हुआ।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: दलवार सीटें
चुनाव आयोग के नतीजों के अनुसार दलवार स्थिति इस तरह रही:
- भाजपा: 208
- तृणमूल कांग्रेस: 80
- कांग्रेस: 2
- AJUP: 2
- CPI(M): 1
- AISF: 1
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में बहुमत के लिए 148 सीटें चाहिए थीं। भाजपा अकेले इससे काफी आगे रही। वाम दल और कांग्रेस बहुत पीछे रहे। CPI(M) को सिर्फ एक सीट मिली, जो कभी राज्य में 34 साल तक सत्ता में रहे वाम मोर्चे की सबसे बड़ी पार्टी थी।
2021 से तुलना
2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीती थीं और भाजपा 77 सीटों पर रही थी। पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में तस्वीर लगभग उलट गई। भाजपा की सीटें करीब ढाई गुना से ज्यादा बढ़ीं, जबकि तृणमूल की सीटें 133 घट गईं।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कार्यक्रम और मतदान
मतदान दो चरणों में हुआ। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट पड़े। गिनती 4 मई को हुई।
चुनाव आयोग की पहले चरण की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उस दिन बंगाल में 91.78% मतदान दर्ज हुआ। आयोग ने इसे आजादी के बाद राज्य का सबसे ज्यादा मतदान बताया। इससे पहले रिकॉर्ड 2011 का 84.72% था। यह जानकारी PIB पर आयोग की प्रेस विज्ञप्ति में है।
चुनाव से पहले राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) हुआ था। इसमें बड़ी संख्या में नाम हटाए गए थे। यह मुद्दा चुनाव प्रचार में भी छाया रहा। SIR के बारे में SIR क्या है लेख में पढ़ें।
फाल्टा का पुनर्मतदान
4 मई को 293 सीटों के नतीजे आए। फाल्टा सीट पर आयोग ने पूरा पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया। 21 मई को वहां दोबारा वोट पड़े और 24 मई को नतीजा आया। भाजपा के देबांशु पांडा 1,49,666 वोट पाकर 1,09,021 वोटों से जीते।
सरकार गठन और उसके बाद
शुभेंदु अधिकारी 9 मई को राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें शपथ दिलाई। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने दो सीटों से चुनाव जीता था और बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ दी। इसलिए सदन में भाजपा की प्रभावी संख्या 207 रह गई। अक्टूबर 2026 में नंदीग्राम उपचुनाव में भी भाजपा जीती। इसका नतीजा उपचुनाव नतीजे लेख में है।
विश्लेषण: यूपी के लिए क्या संकेत
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के बाद भाजपा पूर्वी भारत के एक और बड़े राज्य में सत्ता में आई। इससे पहले 2025 में बिहार में भी NDA को बड़ी जीत मिली थी। यूपी में 2027 के चुनाव से पहले विपक्षी दल इन नतीजों का अध्ययन करेंगे। SIR के बाद रिकॉर्ड मतदान भी चर्चा का विषय रहा। मतदाता सूची की शुद्धता का मुद्दा यूपी की राजनीति में भी उठता रहा है।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग; PIB पर आयोग की प्रेस विज्ञप्ति (23 अप्रैल 2026); समाचार रिपोर्टें।
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