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राष्ट्रीय राजनीति

लोकसभा चुनाव 2024 में तेलंगाना: 17 सीटों में भाजपा को 8, जानिए बाकी दलों का हाल

2024 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना की 17 सीटों में भाजपा को 8, कांग्रेस को 8, एआईएमआईएम को 1 सीट मिली। औसत मतदान करीब 66.30% रहा।

लोकसभा चुनाव 2024 में तेलंगाना के नतीजों का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

2024 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना की 17 सीटों पर भाजपा को 8, कांग्रेस को 8, एआईएमआईएम को 1 सीट मिली। भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट के आधार पर UP Election News की इस रिपोर्ट में तेलंगाना के नतीजे, दलों का वोट शेयर, मतदान और सबसे करीबी मुकाबलों का ब्योरा दिया गया है।

तेलंगाना: दलवार सीटें और वोट शेयर

दल सीटें कुल वोट वोट शेयर
कांग्रेस 8 88,24,961 40.29%
भाजपा 8 77,43,947 35.35%
बीआरएस 0 36,57,237 16.70%
एआईएमआईएम 1 6,61,981 3.02%
निर्दलीय 0 4,94,346 2.26%

तालिका: UP Election News। वोट शेयर नोटा को छोड़कर कुल वैध मतों पर आधारित है, जैसा चुनाव आयोग अपनी रिपोर्ट में गिनता है।

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मतदाता और मतदान

तेलंगाना की जिन 17 सीटों पर मतदान हुआ, वहां कुल 3,32,32,318 पंजीकृत मतदाता थे और 2,20,31,832 वोट पड़े। यानी औसत मतदान करीब 66.30% रहा। नोटा को कुल 1,04,244 वोट मिले।

सबसे करीबी और सबसे बड़े अंतर वाली सीटें

सीट विजेता दल उपविजेता दल अंतर
महबूबनगर भाजपा कांग्रेस 4,500
मेडक भाजपा कांग्रेस 39,139
जहीराबाद कांग्रेस भाजपा 46,188
सिकंदराबाद भाजपा कांग्रेस 49,944
आदिलाबाद भाजपा कांग्रेस 90,652
हैदराबाद एआईएमआईएम भाजपा 3,38,087
महबूबाबाद कांग्रेस बीआरएस 3,49,165
मलकाजगिरि भाजपा कांग्रेस 3,91,475
खम्मम कांग्रेस बीआरएस 4,67,847
नलगोंडा कांग्रेस भाजपा 5,59,905

ऊपर की 5 पंक्तियां सबसे करीबी और नीचे की 5 सबसे बड़े अंतर वाली जीत हैं। महबूबनगर में जीत का अंतर सिर्फ 4,500 वोट रहा, जबकि नलगोंडा में विजेता 5,59,905 वोटों से जीता।

उम्मीदवार, आरक्षित सीटें और विजेताओं की उम्र

तेलंगाना की 17 सीटों पर कुल 525 उम्मीदवार मैदान में थे, यानी औसतन करीब 30.9 उम्मीदवार प्रति सीट। इनमें 50 महिला उम्मीदवार थीं। इनमें 3 सीटें अनुसूचित जाति और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित थीं। जमानत बचाने के लिए उम्मीदवार को कुल वैध मतों का छठा हिस्सा (करीब 16.67%) पाना होता है; तेलंगाना में 484 उम्मीदवार इस सीमा तक नहीं पहुंचे। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में विजेताओं की उम्र 35 से 73 साल के बीच दर्ज है और औसत उम्र करीब 56 साल रही। 5 सीटों पर विजेता को 50% या उससे ज्यादा वोट मिले। सभी उम्मीदवारों को कुल मिलाकर 2,09,233 वोट डाक मतपत्र से मिले।

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विश्लेषण

तेलंगाना में सबसे ज्यादा सीटें भाजपा को मिलीं। दिलचस्प यह है कि सबसे ज्यादा वोट कांग्रेस को मिले (40.29%), जबकि सीटें भाजपा को ज्यादा मिलीं। यह फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली का असर है, जिसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला जीतता है। बीआरएस (16.70%) को अच्छा-खासा वोट मिलने के बावजूद कोई सीट नहीं मिली। इस चुनाव में तेलंगाना से 2 महिला सांसद चुनी गईं। 1 सीटों पर जीत का अंतर 20,000 वोट से कम रहा।

भारत में लोकसभा चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से होते हैं। इसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, चाहे उसे 50% से कम वोट मिले हों। इसी वजह से किसी दल का वोट शेयर और उसकी सीटों की संख्या हमेशा एक अनुपात में नहीं होती। राज्यों के नतीजों को समझने के लिए सीटें और वोट शेयर दोनों देखना जरूरी है।

राष्ट्रीय तस्वीर

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी (इनमें सूरत की वह सीट भी शामिल है जहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए)। कांग्रेस को 99 और सपा को 37 सीटें मिलीं। 18वीं लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है। देश और उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े आंकड़ों के लिए UP Election News पढ़ते रहें।

यह भी पढ़ें:

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (रिपोर्ट 33: निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा 2024 सांख्यिकीय रिपोर्ट।

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