नेहा बोरा रिहा: रातभर हिरासत के बाद दिल्ली पुलिस ने छोड़ा, अभिजीत दिपके पर BNSS के तहत कार्रवाई

दिल्ली के आरके पुरम में रिहाई के बाद नेहा बोरा और साथी
फोटो: UP Election News फोटो: UP Election News

संक्षेप में

  • आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने 17 अक्टूबर की सुबह हिरासत से रिहा किया।
  • पुलिस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ा गया।
  • अभिजीत दिपके पर BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू, SEM कोर्ट में पेशी होगी।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की सुबह हिरासत से रिहा कर दिया। उन्हें शुक्रवार शाम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन के दौरान एहतियाती धाराओं में हिरासत में लिया गया था। UP Election News को मौके से मिली जानकारी के मुताबिक, रिहाई के बाद नेहा बोरा दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के आरके पुरम सेक्टर 12 स्थित पुलिस कॉलोनी के बाहर अपने साथियों के साथ नजर आईं।

पुलिस ने क्या कहा

न्यूज18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने कहा कि नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छोड़ा गया। वहीं CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है और उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिपके को शुक्रवार शाम कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क जाते समय हिरासत में लिया गया था।

मंडी हाउस के पास हिरासत, रातभर अनिश्चितता

रिपोर्टों के मुताबिक, दिपके के कुछ मिनट बाद नेहा बोरा को मंडी हाउस के पास से हिरासत में लिया गया। टाइम्स नाउ नवभारत के अनुसार, उनके वकील सुपंथा सिन्हा ने कहा कि नेहा को शाम करीब 5 बजे हिरासत में लिया गया, लेकिन परिजनों और वकीलों को उनकी लोकेशन रात 10:30 बजे बताई गई। आइसा का कहना है कि उन्हें करीब पांच घंटे तक एक जगह से दूसरी जगह ले जाया गया और आधी रात के आसपास वकील आरके पुरम थाने में उनसे मिल सके।

समर्थकों के आरोप

आइसा और समर्थकों का आरोप है कि नेहा बोरा की हिरासत अवैध थी। उनका कहना है कि करीब 12 घंटे तक थानों के बाहर विरोध चलता रहा और देश के कई हिस्सों में लोगों ने नाराजगी जताई। आइसा के वकील आदित्य कृष्णा ने तड़के 3 बजे कहा कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि कौन सी धाराएं लगाई गई हैं या FIR दर्ज हुई है या नहीं। उन्होंने इसे बंदियों के अधिकारों का उल्लंघन बताया। संगठन ने यह आरोप भी लगाया कि खराब तबीयत के बावजूद उन्हें दवाएं नहीं दी गईं। इन आरोपों पर पुलिस का अलग से कोई जवाब रिपोर्टों में सामने नहीं आया है।

रिहाई के बाद नेहा बोरा का बयान

समाचार एजेंसी ANI की X पोस्ट के मुताबिक, रिहाई के बाद नेहा बोरा ने कहा कि कानून-व्यवस्था का हर तरह से उल्लंघन हो रहा है और आम नागरिकों से ऐसा बर्ताव किया जा रहा है जैसे वे शातिर अपराधी हों। CJP यह प्रदर्शन अपने सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में कर रही थी। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।

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स्रोत: न्यूज18 हिंदी, टाइम्स नाउ नवभारत, BBC हिंदी, ANI (X पोस्ट); आरके पुरम से UP Election News की मौके की जानकारी।

स्रोत

  1. News18 Hindi: AISA की नेहा बोरा हुईं रिहा
  2. Times Now Navbharat: रातभर की हिरासत के बाद नेहा बोरा रिहा
  3. BBC Hindi: नेहा बोरा हिरासत से आईं बाहर
  4. ANI on X: Neha Bora statement after release

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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