अपडेट: 10 अक्टूबर, दोपहर 12:45 बजे (IST)
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका भी हिरासत में लिए गए। तीनों मुंबई से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। CJP के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर विमान से ही उतार लिया।
अभिजीत दिपके को विमान से ही उतारा गया
CJP से जुड़े अनीश गवांडे ने सुबह करीब 10:57 बजे एक्स पर बताया कि तीनों नेताओं को एयरपोर्ट के अंदर किसी अज्ञात जगह ले जाया गया। इसके बाद पार्टी ने हिरासत के समय का एक वीडियो जारी किया। उस वीडियो में दिपके ने कहा, “इंदिरा गांधी ने भी ऐसा नहीं किया था।”
सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर दिपके ने कहा था कि वे हिरासत या गिरफ्तारी से नहीं डरते। इससे पहले रातभर हुई हिरासतों की जानकारी हमारी पिछली रिपोर्ट में है।
CJP बोली- देशभर में आंदोलन जारी रहेगा
CJP ने एक प्रेस रिलीज जारी की। इसमें पार्टी ने कहा कि नेताओं की हिरासत के बावजूद देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा। उसकी मुख्य मांग नहीं बदली है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा चाहती है। उसका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी हुई। हालांकि, चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
जंतर मंतर पर करीब 500 लोग हिरासत में
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि शनिवार को प्रदर्शन के लिए पहुंचे करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने एक्स पर भीड़ के कुछ वायरल वीडियो को 20 जुलाई का पुराना बताया।
केजरीवाल बोले- इमरजेंसी से बदतर
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिपके की हिरासत पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “यह इमरजेंसी से भी बदतर है।” AAP ने यह भी बताया कि केजरीवाल के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि पूरे देश को छावनी में बदल दिया गया है।
विश्लेषण: नेतृत्व के बिना CJP प्रदर्शन की परीक्षा
CJP ने 10 बजे जंतर मंतर पर जुटने को कहा था। लेकिन अभिजीत दिपके समेत उसके तीनों प्रमुख चेहरे वहां पहुंचने से पहले ही हिरासत में हैं। इसलिए अब यह देखना होगा कि नेताओं के बिना समर्थक कितनी संख्या में जुटते हैं। जुलाई में इसी जगह के प्रदर्शन ने CJP को राष्ट्रीय पहचान दी थी। इस बार उसके सामने बड़ी चुनौती है।


