नोएडा विधानसभा सीट यूपी की सबसे नई और सबसे शहरी सीटों में है। यह 2008 के परिसीमन में बनी और 2012 में यहां पहला चुनाव हुआ। तब से हर आम चुनाव भाजपा ने जीता है। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।
नोएडा विधानसभा सीट की पहचान
इस सीट का क्रमांक 61 है और यह गौतमबुद्ध नगर जिले में है। जिले की दूसरी दो सीटें दादरी और जेवर हैं। 2022 में नोएडा में 7,14,072 मतदाता थे। मतदाताओं की संख्या के हिसाब से यह साहिबाबाद के बाद प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी सीट थी।
2012: पहला चुनाव
2012 में भाजपा के डॉ. महेश शर्मा को 77,319 वोट (36.87%) मिले। बसपा के ओमदत्त शर्मा को 49,643 वोट (23.67%) मिले। अंतर 27,676 वोट रहा। सपा के सुनील चौधरी 20.06% वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
2012 में नोएडा में 4,28,259 मतदाताओं में से 2,09,705 ने वोट डाला। उस चुनाव में भाजपा, बसपा और सपा के बीच मुकाबला तीन-तरफा था और तीनों को 20% से ज्यादा वोट मिले।
पंकज सिंह की जीत
2017 में भाजपा ने पंकज सिंह को उतारा। वह केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे हैं और प्रदेश भाजपा संगठन में महामंत्री रह चुके हैं। उन्हें 1,62,417 वोट (64.29%) मिले। सपा के सुनील चौधरी को 58,401 वोट (23.12%) मिले। अंतर 1,04,016 वोट रहा। बसपा 10.83% पर रही।
2022 का नतीजा
2022 में नोएडा विधानसभा सीट पर पंकज सिंह को 2,44,319 वोट (70.16%) मिले। सुनील चौधरी को 62,806 वोट (18.04%) मिले। अंतर 1,81,513 वोट रहा। चुनाव आयोग के सीट-वार आंकड़ों के हिसाब से यह 2022 में प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा अंतर था। सबसे बड़ा अंतर साहिबाबाद में रहा। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।
पड़ोसी सीटों का हाल
गौतमबुद्ध नगर जिले में भाजपा की बढ़त सिर्फ नोएडा विधानसभा सीट तक सीमित नहीं है। 2022 में पड़ोसी दादरी सीट पर भाजपा 1,38,218 वोटों से जीती, जो प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा अंतर था। गाजियाबाद जिले की साहिबाबाद सीट पर सबसे बड़ा अंतर रहा। यानी दिल्ली से सटे शहरी इलाकों में भाजपा का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा।
कम मतदान की चुनौती
नोएडा विधानसभा सीट पर मतदान लगातार कम रहा है। यह 2012 में 48.97%, 2017 में 48.56% और 2022 में 48.77% रहा। इसी दौरान प्रदेश का कुल मतदान करीब 59% से 61% के बीच रहा।
मतदाता तेजी से बढ़े हैं। 2012 में यहां 4,28,259 मतदाता थे। 2017 में यह संख्या 5,23,865 और 2022 में 7,14,072 हो गई। यानी दस साल में करीब 67% की बढ़ोतरी हुई। लेकिन मतदान का प्रतिशत लगभग वहीं रहा।
विश्लेषण: 2027 में नोएडा
भाजपा का वोट शेयर यहां हर चुनाव में बढ़ा है। यह 2012 के 36.87% से 2017 में 64.29% और 2022 में 70.16% पहुंचा। विपक्ष में सपा दूसरे स्थान पर है, लेकिन उसका हिस्सा 23.12% से घटकर 18.04% रह गया। बसपा का वोट 2022 में 4.68% पर आ गया।
2027 में नोएडा विधानसभा सीट पर मुख्य सवाल जीत-हार से ज्यादा मतदान बढ़ाने का होगा। जेवर एयरपोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी इस इलाके की चुनावी चर्चा का हिस्सा रहेंगे।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (2012, 2017, 2022)।


