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भाजपा (BJP)

रामकृष्ण भार्गव: मिश्रिख से भाजपा के विधायक, 2022 में 11,465 वोट से जीत

रामकृष्ण भार्गव मिश्रिख विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं। 2022 में 11,465 वोट से जीत, 2017 का नतीजा, हलफनामे की जानकारी और सीट का गणित।

रामकृष्ण भार्गव (मिश्रिख विधायक) की प्रोफाइल का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

रामकृष्ण भार्गव उत्तर प्रदेश की मिश्रिख विधानसभा सीट (क्रमांक 153) से विधायक हैं। यह सीट सीतापुर जिले में आती है और मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। मिश्रिख सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2022 के विधानसभा चुनाव में रामकृष्ण भार्गव भाजपा के टिकट पर जीते थे।

UP Election News की इस प्रोफाइल में रामकृष्ण भार्गव के चुनावी सफर, मिश्रिख सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।

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2022 का चुनाव: मिश्रिख में कितने वोट, कितना अंतर

2022 के विधानसभा चुनाव में मिश्रिख सीट पर रामकृष्ण भार्गव (भाजपा) को 91,092 वोट यानी 41.15% वोट मिले। दूसरे स्थान पर मनोज कुमार राजवंशी (सुभासपा) रहे, जिन्हें 79,627 वोट (35.97%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 11,465 वोट रहा, जिसे करीबी जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के श्याम किशोर को 34,654 वोट मिले।

इस चुनाव में सीट पर कुल 3,59,505 मतदाता थे और मतदान 61.57% रहा। मैदान में 11 उम्मीदवार थे, जबकि 1,498 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

2017 में मिश्रिख सीट का हाल

2017 के विधानसभा चुनाव में मिश्रिख सीट भाजपा के राम कृष्ण भार्गव ने जीती थी। उन्हें 86,403 वोट (39.73%) मिले थे और उन्होंने बसपा के मनीष कुमार रावत को 20,672 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 63.68% रहा था। यानी 2022 में भाजपा ने यह सीट बरकरार रखी।

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चुनाव विजेता दल वोट जीत का अंतर
2017 राम कृष्ण भार्गव भाजपा 86,403 20,672
2022 रामकृष्ण भार्गव भाजपा 91,092 11,465

हलफनामे में क्या जानकारी दी गई

2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 59 साल थी और शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹2,07,77,673 (करीब 2.08 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी और कोई देनदारी नहीं दिखाई थी। हलफनामे के मुताबिक उन पर कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं था।

ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।

सीतापुर जिले और 2027 के लिहाज से सीट

सीतापुर जिले में विधानसभा की 9 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 8, सपा 1 सीटें जीती थीं। मिश्रिख में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,44,981 से बढ़कर 3,59,505 हुई और मतदान 2.11 प्रतिशत अंक घटा। नोटा को 2017 में 2,222 और 2022 में 1,498 वोट मिले थे।

मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। मिश्रिख में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर रामकृष्ण भार्गव का हलफनामा।

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