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यूपी राजनीति

रविदास मेहरोत्रा: लखनऊ मध्य से सपा के विधायक, 2022 में 10,935 वोट से जीत

रविदास मेहरोत्रा लखनऊ मध्य विधानसभा सीट से सपा के विधायक हैं। 2022 में 10,935 वोट से जीत, 2017 का नतीजा, हलफनामे की जानकारी और सीट का गणित।

रविदास मेहरोत्रा (लखनऊ मध्य विधायक) की प्रोफाइल का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

रविदास मेहरोत्रा उत्तर प्रदेश की लखनऊ मध्य विधानसभा सीट (क्रमांक 174) से विधायक हैं। यह सीट लखनऊ जिले में आती है और लखनऊ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में रविदास मेहरोत्रा सपा के टिकट पर जीते थे।

UP Election News की इस प्रोफाइल में रविदास मेहरोत्रा के चुनावी सफर, लखनऊ मध्य सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।

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2022 का चुनाव: लखनऊ मध्य में कितने वोट, कितना अंतर

2022 के विधानसभा चुनाव में लखनऊ मध्य सीट पर रविदास मेहरोत्रा (सपा) को 1,04,488 वोट यानी 49.62% वोट मिले। दूसरे स्थान पर रजनीश कुमार गुप्ता (भाजपा) रहे, जिन्हें 93,553 वोट (44.43%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 10,935 वोट रहा, जिसे करीबी जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के आशीष चंद्र को 6,181 वोट मिले।

इस चुनाव में सीट पर कुल 3,70,629 मतदाता थे और मतदान 56.81% रहा। मैदान में 13 उम्मीदवार थे, जबकि 960 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

2017 में लखनऊ मध्य सीट का हाल

2017 के विधानसभा चुनाव में लखनऊ मध्य सीट भाजपा के बृजेश पाठक ने जीती थी। उन्हें 78,400 वोट (40.37%) मिले थे और उन्होंने सपा के रविदास मेहरोत्रा को 5,094 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 53.15% रहा था। यानी 2022 में यह सीट भाजपा के हाथ से निकलकर सपा के पास चली गई। रविदास मेहरोत्रा 2017 में भी इसी सीट से मैदान में थे और दूसरे स्थान पर रहे थे।

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चुनाव विजेता दल वोट जीत का अंतर
2017 बृजेश पाठक भाजपा 78,400 5,094
2022 रविदास मेहरोत्रा सपा 1,04,488 10,935

हलफनामे में क्या जानकारी दी गई

2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 66 साल थी और शैक्षणिक योग्यता स्नातक (प्रोफेशनल डिग्री) है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹72,51,009 (करीब 72.51 लाख रुपये) की संपत्ति घोषित की थी, जबकि देनदारियां ₹5,40,000 (करीब 5.40 लाख रुपये) बताई गई थीं। आपराधिक मामलों के कॉलम में हलफनामे के मुताबिक उन पर 22 मामले घोषित थे।

ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।

लखनऊ जिले और 2027 के लिहाज से सीट

लखनऊ जिले में विधानसभा की 9 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 7, सपा 2 सीटें जीती थीं। लखनऊ मध्य में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,66,952 से बढ़कर 3,70,629 हुई और मतदान 3.66 प्रतिशत अंक बढ़ा। नोटा को 2017 में 824 और 2022 में 960 वोट मिले थे।

मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। लखनऊ मध्य में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर रविदास मेहरोत्रा का हलफनामा।

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