यूपी चुनाव 1991 के नतीजे: भाजपा 221 सीटों के साथ पहली बार बहुमत में, कल्याण सिंह बने मुख्यमंत्री

1990 के दशक की मतगणना: मेजों पर मतपत्रों के ढेर और खुली मतपेटियों की सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा निर्मित)

संक्षेप में

  • में 419 सीटों के नतीजों में भाजपा ने 221 सीटें और 31.45% वोट हासिल किए।
  • जनता दल को 92, कांग्रेस को 46, जनता पार्टी को 34 और बसपा को 12 सीटें मिलीं।
  • में 57 सीटों वाली भाजपा 1991 में 221 पर पहुंची।
  • जून 1991 को कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने और 6 दिसंबर 1992 तक पद पर रहे।

यूपी चुनाव 1991 के नतीजे भाजपा के लिए ऐतिहासिक थे। पार्टी ने 221 सीटें जीतकर पहली बार प्रदेश में अकेले बहुमत हासिल किया। तब विधानसभा में 425 सीटें थीं और बहुमत के लिए 213 चाहिए थीं। इस लेख के चुनावी आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट से हैं।

किस दल को कितनी सीटें

चुनाव आयोग की रिपोर्ट में 419 सीटों के नतीजे दर्ज हैं। इनमें दलों का प्रदर्शन इस तरह रहा:

  • भाजपा: 221 सीटें, 31.45% वोट।
  • जनता दल: 92 सीटें, 18.84% वोट।
  • कांग्रेस: 46 सीटें, 17.32% वोट।
  • जनता पार्टी: 34 सीटें, 12.52% वोट।
  • बसपा: 12 सीटें, 9.44% वोट।
  • निर्दलीय: 7 सीटें, 7.44% वोट।

यूपी चुनाव 1991 के नतीजे में वाम दलों की मौजूदगी भी दिखी। भाकपा को 4 सीटें मिलीं। माकपा और कुछ छोटे दलों ने एक-एक सीट जीती।

1989 से तुलना

1989 में भाजपा सिर्फ 275 सीटों पर लड़ी थी और 57 जीती थीं। तब उसका वोट शेयर 11.61% था। 1991 में वह 415 सीटों पर लड़ी और वोट शेयर करीब तीन गुना होकर 31.45% पहुंचा।

1989 में जनता दल 208 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल था। यूपी चुनाव 1991 के नतीजे में वह 92 पर सिमट गया। कांग्रेस 94 से घटकर 46 पर आ गई। इस बीच जनता दल में टूट हुई थी। 1991 में मुलायम सिंह यादव जसवंतनगर से जनता पार्टी (JP) के टिकट पर 47,765 वोट (45.96%) पाकर जीते।

बसपा की शुरुआत

बसपा 1989 में 13 सीटें जीत चुकी थी। 1991 में उसे 12 सीटें मिलीं, और उसका वोट शेयर लगभग बराबर, करीब 9.4% रहा। यह वही दौर था, जब बसपा प्रदेश की राजनीति में अपनी जगह बना रही थी।

यूपी चुनाव 1991 के नतीजे: मतदान और उम्मीदवार

प्रदेश में 8,06,11,267 मतदाता थे और मतदान 48.51% रहा। पुरुषों का मतदान 51.85% और महिलाओं का 44.32% था। 1989 में कुल मतदान 51.43% था। कुल 87,504 मतदान केंद्र बनाए गए।

मैदान में 7,851 उम्मीदवार थे, यानी हर सीट पर औसतन 19। इनमें से 6,811 की जमानत जब्त हुई। 226 महिला उम्मीदवारों में से 10 जीतीं। उस समय बैलेट पेपर से मतदान होता था, और 4.27% वोट खारिज हुए।

सरकार और उसके बाद

उत्तर प्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड के मुताबिक, कल्याण सिंह 24 जून 1991 को मुख्यमंत्री बने। उनका कार्यकाल 6 दिसंबर 1992 को खत्म हुआ। इसके बाद 1993 में फिर चुनाव हुए।

1993 में भाजपा का वोट शेयर बढ़कर 33.30% हुआ, फिर भी उसकी सीटें घटकर 177 रह गईं। सपा ने 109 और बसपा ने 67 सीटें जीतीं। दोनों ने मिलकर सरकार बनाई और दिसंबर 1993 में मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने। यानी यूपी चुनाव 1991 के नतीजे के बाद बना एकदलीय बहुमत अगले चुनाव में नहीं टिका।

यूपी चुनाव 1991 के नतीजे एक और सबक देते हैं। सिर्फ दो साल में किसी दल का वोट शेयर करीब 20 अंक बदल सकता है। भाजपा के मामले में यह 11.61% से 31.45% हुआ। पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर है।

यह भी पढ़ें: बसपा का इतिहास | यूपी चुनाव 2022 के नतीजे

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1989, 1991); उत्तर प्रदेश विधानसभा का आधिकारिक रिकॉर्ड।

स्रोत

  1. ECI: Statistical Report on General Election, 1991 to the Legislative Assembly of Uttar Pradesh
  2. ECI: Statistical Report on General Election, 1989 to the Legislative Assembly of Uttar Pradesh
  3. Uttar Pradesh Legislative Assembly: Former Chief Ministers (official record)
  4. Wikimedia Commons: PM Modi at the launch of Soil Health Card Scheme, Suratgarh (with Governor Kalyan Singh)

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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