मीरापुर विधानसभा सीट का इतिहास: 193 वोट की जीत से रालोद के कब्जे तक

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संक्षेप में

  • मीरापुर मुजफ्फरनगर जिले की सामान्य सीट है।
  • में भाजपा ने यह सीट सिर्फ 193 वोटों से जीती थी।
  • में रालोद के चंदन चौहान 27,380 वोटों से जीते।
  • के उपचुनाव में रालोद की मिथलेश पाल 30,796 वोटों से जीतीं।

मीरापुर विधानसभा सीट मुजफ्फरनगर जिले में है। यह 2008 के परिसीमन के बाद बनी। तब से यहां तीन अलग दल जीत चुके हैं। 2017 में यहां यूपी के सबसे करीबी नतीजों में से एक आया था। यह लेख चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।

परिसीमन से पहले: मोरना सीट

परिसीमन से पहले इस इलाके में मोरना नाम की सीट थी। तब सीमाएं अलग थीं, इसलिए यह तुलना सिर्फ संदर्भ के लिए है। आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार मोरना में 1991 और 1993 में भाजपा, 1996 में सपा, 2002 में बसपा और 2007 में रालोद जीती थी। उससे पहले कांग्रेस, जनता पार्टी और जनता दल भी यहां जीत चुके थे।

मीरापुर विधानसभा सीट के नतीजे

2012: बसपा

पहले चुनाव में बसपा के जमील अहमद कासमी को 56,802 वोट (33.66%) मिले। रालोद की मिथलेश पाल 44,069 वोट के साथ दूसरे और भाजपा 25,689 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही। अंतर 12,733 वोट रहा। तब सीट पर 2,73,236 मतदाता थे और 61.76% मतदान हुआ।

2017: मीरापुर विधानसभा सीट पर 193 वोट का अंतर

2017 में भाजपा के अवतार सिंह भड़ाना को 69,035 वोट मिले। सपा के लियाकत अली को 68,842 वोट मिले। यानी फैसला सिर्फ 193 वोटों से हुआ। बसपा को 39,689 और रालोद को 22,751 वोट मिले। तब सीट पर 2,94,158 मतदाता थे। यह 2017 में यूपी के सबसे कम अंतर वाले नतीजों में था।

2022: रालोद

2022 में सपा-रालोद गठबंधन से रालोद के चंदन चौहान लड़े। उन्हें 1,07,421 वोट (49.57%) मिले। भाजपा के प्रशांत 80,041 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। जीत का अंतर 27,380 वोट रहा। बसपा को 23,797 वोट मिले। तब 3,14,587 मतदाता थे और मतदान 68.88% हुआ।

मीरापुर विधानसभा सीट पर 2024 का उपचुनाव

2024 में रालोद भाजपा के NDA गठबंधन में आ गई। चंदन चौहान रालोद के टिकट पर बिजनौर से सांसद चुने गए। इसके बाद 20 नवंबर 2024 को उपचुनाव हुआ।

इस बार रालोद ने मिथलेश पाल को उतारा। उन्हें 84,304 वोट मिले। सपा की सुम्बुल राणा दूसरे स्थान पर रहीं। जीत का अंतर 30,796 वोट रहा। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) को 22,661 वोट मिले। आयोग के आंकड़ों के अनुसार 11 में से 9 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। उपचुनाव में 3,25,277 मतदाता थे और मतदान करीब 57% रहा। यह 2022 के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत अंक कम था। मीरापुर विधानसभा सीट पर कम मतदान के बावजूद जीत का अंतर 2022 से ज्यादा रहा। सभी उपचुनावों का हाल यूपी उपचुनाव 2024 नतीजे लेख में है।

विश्लेषण: गठबंधन बदला, सीट वही दल

मीरापुर विधानसभा सीट पर रालोद 2022 में सपा के साथ और 2024 में भाजपा के साथ जीती। दोनों बार अंतर 27 हजार से ज्यादा रहा। मिथलेश पाल 2012 और 2017 में रालोद की उम्मीदवार के तौर पर हारी थीं, लेकिन 2024 में जीतीं। आजाद समाज पार्टी को उपचुनाव में मिले वोट भी ध्यान देने लायक हैं। चंद्रशेखर आजाद पर नगीना जीत लेख पढ़ें। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।

यह भी पढ़ें: यूपी की सबसे करीबी सीटें

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की सांख्यिकीय रिपोर्टें (1991-2022) और नवंबर 2024 उपचुनाव का परिणाम।

स्रोत

  1. ECI: Statistical Reports, Uttar Pradesh Assembly elections
  2. ECI: Bye-election results, November 2024

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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