मेरठ मंडल में 6 जिले आते हैं: मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़। इन जिलों में विधानसभा की कुल 28 सीटें हैं। भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक सपा ने 2017 में इनमें से 1 और 2022 में 3 सीटें जीतीं। UP Election News की इस रिपोर्ट में मंडल में सपा के प्रदर्शन को सीटवार आंकड़ों से समझिए।
मेरठ मंडल में सपा का जिलेवार प्रदर्शन
| जिला | कुल सीटें | सपा 2017 | सपा 2022 |
|---|---|---|---|
| मेरठ | 7 | 1 | 3 |
| बागपत | 3 | 0 | 0 |
| बुलंदशहर | 7 | 0 | 0 |
| गौतम बुद्ध नगर | 3 | 0 | 0 |
| गाजियाबाद | 5 | 0 | 0 |
| हापुड़ | 3 | 0 | 0 |
| कुल | 28 | 1 | 3 |
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।
कौन सी सीटें बचीं, कौन सी हाथ से गईं
सपा ने 1 सीटें 2017 और 2022 दोनों चुनावों में जीतीं: मेरठ। 2022 में 2 सीटें सपा ने नई जीतीं, जो 2017 में दूसरे दलों के पास थीं: सरधना (भाजपा से), किठौर (भाजपा से)। वहीं 0 सीटें ऐसी रहीं जो 2017 में सपा ने जीती थीं, लेकिन 2022 में हार गई।
2022 में सपा की सबसे करीबी और सबसे बड़ी जीत
मंडल में सपा की सबसे करीबी जीत किठौर में हुई, जहां शाहिद मंजूर 2,180 वोट से जीते। सबसे बड़ी जीत मेरठ में रही, जहां रफीक अंसारी ने 26,065 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
वोट शेयर और दूसरे स्थान वाली सीटें
2022 में मंडल की सभी 28 सीटों के कुल 72,80,810 वैध वोटों (नोटा सहित) में सपा को 17.40% वोट मिले। तुलना के लिए, इसी मंडल में भाजपा को 51.50%, बसपा को 11.24% वोट मिले। सपा 11 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही, जिनमें हस्तिनापुर, मेरठ दक्षिण, सिकंदराबाद, डिबाई, खुर्जा, नोएडा, दादरी, साहिबाबाद आदि शामिल हैं। दूसरे स्थान वाली सीटें आम तौर पर अगले चुनाव में किसी दल के लिए मुकाबले की सीटें मानी जाती हैं।
2022 में सपा की जीती हुई सीटें
| सीट | जिला | विधायक | अंतर |
|---|---|---|---|
| सरधना | मेरठ | अतुल प्रधान | 18,200 |
| किठौर | मेरठ | शाहिद मंजूर | 2,180 |
| मेरठ | मेरठ | रफीक अंसारी | 26,065 |
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है। 2022 में मंडल से सपा की कोई महिला विधायक नहीं चुनी गई।
गठबंधन का हिसाब
2022 में सपा गठबंधन के सहयोगी दलों ने भी इस मंडल में 2 सीटें जीतीं: सिवालखास (रालोद), छपरौली (रालोद)। ध्यान रहे कि रालोद और सुभासपा 2022 में सपा गठबंधन में थीं और अब NDA का हिस्सा हैं।
2017 में सपा का प्रदर्शन
2017 में मंडल में सपा की सबसे करीबी जीत मेरठ में हुई थी, जहां अंतर 28,769 वोट रहा। 2017 में सपा ने मंडल में जिन 1 सीटों पर जीत दर्ज की, वे थीं: मेरठ।
2017 में सपा मंडल की 5 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही थी। 2022 में यह संख्या 11 रही। दूसरे स्थान की सीटों में बदलाव से पता चलता है कि किन इलाकों में पार्टी मुख्य मुकाबले में बनी रही।
विश्लेषण
आंकड़ों के हिसाब से मेरठ मंडल में सपा की सीटें 2017 से 2022 के बीच 2 बढ़ीं। 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के लिए यह मंडल कितना अहम रहेगा, यह इन 28 सीटों पर दूसरे स्थान वाली सीटों और करीबी मुकाबलों से तय होगा। यूपी चुनाव की हर अपडेट के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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