2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने भारत निर्वाचन आयोग की विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक 328 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और कुल 99 सीटें जीतीं। पार्टी को देशभर में 13,67,58,952 वोट मिले, जो मतदान वाली 542 सीटों के कुल वैध मतों (नोटा को छोड़कर) का 21.40% है। UP Election News की इस रिपोर्ट में कांग्रेस के प्रदर्शन को राज्यवार आंकड़ों से समझिए।
कांग्रेस: राज्यवार सीटें और वोट शेयर
| राज्य | जीती सीटें | कुल वोट | राज्य में वोट शेयर |
|---|---|---|---|
| केरल | 14 | 70,03,971 | 35.33% |
| महाराष्ट्र | 13 | 96,76,935 | 17.05% |
| कर्नाटक | 9 | 1,76,06,669 | 45.64% |
| तमिलनाडु | 9 | 46,59,734 | 10.78% |
| राजस्थान | 8 | 1,25,78,823 | 38.25% |
| तेलंगाना | 8 | 88,24,961 | 40.29% |
| पंजाब | 7 | 35,59,656 | 26.44% |
| उत्तर प्रदेश | 6 | 83,15,527 | 9.53% |
| हरियाणा | 5 | 57,02,938 | 43.83% |
| असम | 3 | 75,10,363 | 37.89% |
| बिहार | 3 | 39,96,625 | 9.39% |
| झारखंड | 2 | 33,19,345 | 19.47% |
| मणिपुर | 2 | 7,58,971 | 47.96% |
| गुजरात | 1 | 91,08,232 | 31.78% |
| छत्तीसगढ़ | 1 | 61,83,101 | 41.43% |
तालिका: UP Election News। राज्य में वोट शेयर उस राज्य के कुल वैध मतों (नोटा को छोड़कर) पर आधारित है। 1% से कम वोट वाले राज्य तालिका में शामिल नहीं हैं।
सबसे करीबी और सबसे बड़ी जीत
कांग्रेस की सबसे करीबी जीत केरल की अट्टिंगल सीट पर हुई, जहां अंतर 684 वोट रहा। सबसे बड़ी जीत असम की धुबरी सीट पर दर्ज हुई, जहां अंतर 10,12,476 वोट था। पार्टी के 13 महिला उम्मीदवार जीतकर सांसद बनीं।
जीत की दर
जिन 328 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार मैदान में थे, उनमें से 99 पर जीत मिली, यानी करीब 30.2% की जीत दर। 167 सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर रही।
उम्मीदवार और वोट का ढांचा
कांग्रेस के 328 उम्मीदवारों में 41 महिलाएं थीं। जिन सीटों पर पार्टी लड़ी, वहां उसका औसत वोट शेयर करीब 35.08% रहा। पार्टी की जीती 99 सीटों में 33 आरक्षित (SC/ST) सीटें थीं और 40 सीटों पर उसके उम्मीदवार को 50% या उससे ज्यादा वोट मिले। जीतने वाले उम्मीदवारों की औसत उम्र करीब 54 साल रही। स्थान के हिसाब से देखें तो पार्टी 99 सीटों पर पहले, 167 पर दूसरे, 59 पर तीसरे और 3 सीटों पर चौथे या उससे नीचे के स्थान पर रही। चुनाव नियमों के मुताबिक जो उम्मीदवार कुल वैध मतों का छठा हिस्सा (करीब 16.67%) भी नहीं पाता, उसकी जमानत जब्त हो जाती है। इस हिसाब से कांग्रेस के 50 उम्मीदवार इस सीमा से नीचे रहे। जिन सीटों पर पार्टी सबसे कम अंतर से हारी, वे थीं: जयपुर ग्रामीण (राजस्थान, 1,615 वोट), कांकेर (छत्तीसगढ़, 1,884 वोट), बांसगांव (उत्तर प्रदेश, 3,150 वोट)।
भारत में लोकसभा चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से होते हैं। इसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, चाहे उसे 50% से कम वोट मिले हों। इसी वजह से किसी दल का वोट शेयर और उसकी सीटों की संख्या हमेशा एक अनुपात में नहीं होती। राज्यों के नतीजों को समझने के लिए सीटें और वोट शेयर दोनों देखना जरूरी है।
विश्लेषण
आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस का सबसे मजबूत आधार केरल में रहा, जहां पार्टी ने 14 सीटें जीतीं। राष्ट्रीय स्तर पर 21.40% वोट शेयर से पार्टी की देशव्यापी पहुंच का अंदाजा मिलता है, जबकि सीटें इस बात पर निर्भर करती हैं कि वोट किन सीटों पर केंद्रित थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी (इनमें सूरत की वह सीट भी शामिल है जहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए)। कांग्रेस को 99 और सपा को 37 सीटें मिलीं।
18वीं लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है। राष्ट्रीय और यूपी की राजनीति के आंकड़ों के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (रिपोर्ट 33: निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा 2024 सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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