मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए राहत भरा कदम उठाया गया है जिसके तहत पुलिस चरित्र सत्यापन पूरा होने की प्रतीक्षा में अब चयन प्रक्रिया नहीं रुकेगी।
राज्य प्रशासन की नई भर्ती नीति के प्रावधानों के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को पुलिस वेरिफिकेशन पूरी होने से पहले ही प्रोविजनल नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए जाएंगे।
विभिन्न माध्यमों से सामने आई जानकारियों के मुताबिक इस व्यवस्था से उन युवाओं को विशेष लाभ पहुंचेगा जिनकी नियुक्तियां कागजी प्रक्रिया पूरी होने में देरी के कारण लंबी अवधि तक रुकी रहती थीं।
संबंधित प्रशासनिक निकायों द्वारा इस प्रक्रिया को गति देने के लिए नियमों में आवश्यक बदलाव किए गए हैं जिससे नियुक्ति प्रक्रिया अधिक सुगम हो सकेगी।
नई गाइडलाइन और अन्य प्रशासनिक प्रावधान
प्रकाशित विवरण के अनुसार यह संशोधित नीति सरकारी विभागों के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के निगमों, विभिन्न बोर्डों तथा शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों में चरित्र सत्यापन के नियमों पर लागू होगी।
शासन की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा होना किसी भी अभ्यर्थी को अयोग्य घोषित करने का आधार नहीं माना जाएगा।
हिंसक गतिविधियों के जरिए व्यवस्था परिवर्तन में शामिल रहे प्रदर्शनकारियों को राज्य में सरकारी पदों पर नियुक्ति नहीं दिए जाने का प्रावधान नई गाइडलाइन में शामिल किया गया है।
इन सभी नए संशोधनों और दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
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