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राष्ट्रीय राजनीति

दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ हुंकार भरी।

दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी नेताओं का जमावड़ा
ग्राफिक: UP Election News

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों का एक बड़ा जमावड़ा आयोजित हुआ। इस आयोजन के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने देश की मौजूदा चुनावी व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उपस्थित नेताओं ने मतदाता सूची में फेरबदल और वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सत्ताधारी दल को घेरने का प्रयास किया। इस राजनीतिक कार्यक्रम में देश के कई बड़े नेता शामिल हुए जिन्होंने मंच से अपने विचार रखे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभिन्न राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस आयोजन को संबोधित करते हुए मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने अपने संबोधन में जनता के मिजाज का जिक्र करते हुए सरकार पर चुनावी सूचियों में हेराफेरी करने का आरोप मढ़ा। उनके अनुसार जो लोग देश को विश्वगुरु बनाने का दावा करते थे वे अब सूचियों को प्रभावित करने में लगे हुए हैं।

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उसी क्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मंच से कड़ा विरोध दर्ज कराया। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष किया और बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को एक विशेष राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने वाला कदम बताया।

दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रकार के आयोजनों और विपक्षी गतिविधियों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने चंडीगढ़ में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह के बाद एक जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्षी दल के नेताओं के बयानों और कार्यक्रमों की तीखी आलोचना की।

आगे की राजनीतिक परिस्थितियां

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रकार के आयोजनों के बाद राजनीतिक तापमान में काफी तेजी आई है। विभिन्न दलों की ओर से जिस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ है उससे आने वाले दिनों में राजनीतिक सरगर्मी और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना है। इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं इस पर सभी संबंधित पक्षों की नजर टिकी रहेगी। इस विषय पर और अधिक विस्तृत तथ्यात्मक जानकारी सामने आने का अभी इंतजार किया जा रहा है।

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स्रोत: द हिंदू; प्रभात खबर

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