मिर्जापुर मंडल में 3 जिले आते हैं: मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र। इन जिलों में विधानसभा की कुल 12 सीटें हैं। भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक भाजपा ने 2017 में इनमें से 9 और 2022 में 8 सीटें जीतीं। UP Election News की इस रिपोर्ट में मंडल में भाजपा के प्रदर्शन को सीटवार आंकड़ों से समझिए।
मिर्जापुर मंडल में भाजपा का जिलेवार प्रदर्शन
| जिला | कुल सीटें | भाजपा 2017 | भाजपा 2022 |
|---|---|---|---|
| मिर्जापुर | 5 | 4 | 3 |
| भदोही | 3 | 2 | 1 |
| सोनभद्र | 4 | 3 | 4 |
| कुल | 12 | 9 | 8 |
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।
कौन सी सीटें बचीं, कौन सी हाथ से गईं
भाजपा ने 7 सीटें 2017 और 2022 दोनों चुनावों में जीतीं: मिर्जापुर, चुनार, मड़िहान, औराई, घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, ओबरा। 2022 में 1 सीटें भाजपा ने नई जीतीं, जो 2017 में दूसरे दलों के पास थीं: दुद्धी (अपना दल (एस) से)। वहीं 2 सीटें ऐसी रहीं जो 2017 में भाजपा ने जीती थीं, लेकिन 2022 में हार गई: मझवां (निषाद पार्टी को), भदोही (सपा को)।
2022 में भाजपा की सबसे करीबी और सबसे बड़ी जीत
मंडल में भाजपा की सबसे करीबी जीत औराई में हुई, जहां दीनानाथ भास्कर 1,647 वोट से जीते। सबसे बड़ी जीत मड़िहान में रही, जहां रमा शंकर सिंह ने 62,911 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
वोट शेयर और दूसरे स्थान वाली सीटें
2022 में मंडल की सभी 12 सीटों के कुल 26,65,475 वैध वोटों (नोटा सहित) में भाजपा को 32.76% वोट मिले। तुलना के लिए, इसी मंडल में सपा को 30.05%, बसपा को 15.02% वोट मिले। भाजपा 1 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही, जिनमें भदोही शामिल हैं। दूसरे स्थान वाली सीटें आम तौर पर अगले चुनाव में किसी दल के लिए मुकाबले की सीटें मानी जाती हैं।
2022 में भाजपा की जीती हुई सीटें
| सीट | जिला | विधायक | अंतर |
|---|---|---|---|
| मिर्जापुर | मिर्जापुर | रत्नाकर मिश्रा | 39,876 |
| चुनार | मिर्जापुर | अनुराग सिंह | 47,614 |
| मड़िहान | मिर्जापुर | रमा शंकर सिंह | 62,911 |
| औराई | भदोही | दीनानाथ भास्कर | 1,647 |
| घोरावल | सोनभद्र | डॉ. अनिल कुमार मौर्य | 23,922 |
| रॉबर्ट्सगंज | सोनभद्र | भूपेश चौबे | 5,621 |
| ओबरा | सोनभद्र | संजीव कुमार गोंड | 26,442 |
| दुद्धी | सोनभद्र | रामदुलार | 6,297 |
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है। 2022 में मंडल से भाजपा की कोई महिला विधायक नहीं चुनी गई।
गठबंधन का हिसाब
2022 में भाजपा गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों ने भी इस मंडल में 3 सीटें जीतीं: छानबे (अपना दल (एस)), मझवां (निषाद पार्टी), ज्ञानपुर (निषाद पार्टी)। ध्यान रहे कि रालोद और सुभासपा 2022 में सपा गठबंधन में थीं और अब NDA का हिस्सा हैं।
2017 में भाजपा का प्रदर्शन
2017 में मंडल में भाजपा की सबसे करीबी जीत भदोही में हुई थी, जहां अंतर 1,105 वोट रहा। उस चुनाव में भाजपा की सबसे बड़ी जीत चुनार में 62,228 वोटों से हुई थी। 2017 में भाजपा ने मंडल में जिन 9 सीटों पर जीत दर्ज की, वे थीं: मिर्जापुर, मझवां, चुनार, मड़िहान, भदोही, औराई, घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, ओबरा।
विश्लेषण
आंकड़ों के हिसाब से मिर्जापुर मंडल में भाजपा की सीटें 2017 से 2022 के बीच 1 घटीं। 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए यह मंडल कितना अहम रहेगा, यह इन 12 सीटों पर दूसरे स्थान वाली सीटों और करीबी मुकाबलों से तय होगा। यूपी चुनाव की हर अपडेट के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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