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राष्ट्रीय राजनीति

लोकसभा चुनाव 2024 में बीआरएस: 17 सीटों पर उम्मीदवार, एक भी सीट नहीं मिली

2024 के लोकसभा चुनाव में बीआरएस ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा और 0 सीटें जीतीं। देशभर में पार्टी का वोट शेयर 0.57% रहा।

लोकसभा चुनाव 2024 में बीआरएस के प्रदर्शन का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

2024 के लोकसभा चुनाव में बीआरएस ने भारत निर्वाचन आयोग की विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और उसे कोई सीट नहीं मिली। पार्टी को देशभर में 36,57,237 वोट मिले, जो मतदान वाली 542 सीटों के कुल वैध मतों (नोटा को छोड़कर) का 0.57% है। UP Election News की इस रिपोर्ट में बीआरएस के प्रदर्शन को राज्यवार आंकड़ों से समझिए।

बीआरएस: राज्यवार सीटें और वोट शेयर

राज्य जीती सीटें कुल वोट राज्य में वोट शेयर
तेलंगाना 0 36,57,237 16.70%

तालिका: UP Election News। राज्य में वोट शेयर उस राज्य के कुल वैध मतों (नोटा को छोड़कर) पर आधारित है। 1% से कम वोट वाले राज्य तालिका में शामिल नहीं हैं।

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दूसरे स्थान वाली सीटें

बीआरएस किसी सीट पर पहले स्थान पर नहीं रही। 2 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। इससे साफ है कि वोट मिलने के बावजूद पार्टी के वोट सीट जीतने लायक किसी एक जगह पर केंद्रित नहीं थे।

बीआरएस के सबसे अच्छे प्रदर्शन वाली सीटें

सीट राज्य वोट शेयर स्थान
मेडक तेलंगाना 28.72% 3
नागरकुरनूल तेलंगाना 26.46% 3
खम्मम तेलंगाना 24.03% 2
महबूबाबाद तेलंगाना 23.92% 2
करीमनगर तेलंगाना 21.58% 3
वारंगल तेलंगाना 18.42% 3

जिन सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर रही, वहां विजेता से उसका अंतर इस तरह रहा: महबूबाबाद (तेलंगाना, 3,49,165 वोट), खम्मम (तेलंगाना, 4,67,847 वोट)।

उम्मीदवार और वोट का ढांचा

बीआरएस के 17 उम्मीदवारों में 1 महिलाएं थीं। जिन सीटों पर पार्टी लड़ी, वहां उसका औसत वोट शेयर करीब 16.64% रहा। स्थान के हिसाब से देखें तो पार्टी 0 सीटों पर पहले, 2 पर दूसरे, 14 पर तीसरे और 1 सीटों पर चौथे या उससे नीचे के स्थान पर रही। चुनाव नियमों के मुताबिक जो उम्मीदवार कुल वैध मतों का छठा हिस्सा (करीब 16.67%) भी नहीं पाता, उसकी जमानत जब्त हो जाती है। इस हिसाब से बीआरएस के 8 उम्मीदवार इस सीमा से नीचे रहे।

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भारत में लोकसभा चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से होते हैं। इसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, चाहे उसे 50% से कम वोट मिले हों। इसी वजह से किसी दल का वोट शेयर और उसकी सीटों की संख्या हमेशा एक अनुपात में नहीं होती। राज्यों के नतीजों को समझने के लिए सीटें और वोट शेयर दोनों देखना जरूरी है।

विश्लेषण

आंकड़ों के मुताबिक बीआरएस का सबसे मजबूत आधार तेलंगाना में रहा। राष्ट्रीय स्तर पर 0.57% वोट शेयर से पार्टी की देशव्यापी पहुंच का अंदाजा मिलता है, जबकि सीटें इस बात पर निर्भर करती हैं कि वोट किन सीटों पर केंद्रित थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी (इनमें सूरत की वह सीट भी शामिल है जहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए)। कांग्रेस को 99 और सपा को 37 सीटें मिलीं।

18वीं लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है। राष्ट्रीय और यूपी की राजनीति के आंकड़ों के लिए UP Election News पढ़ते रहें।

यह भी पढ़ें:

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (रिपोर्ट 33: निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा 2024 सांख्यिकीय रिपोर्ट।

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