अपडेट: 10 अक्टूबर 2026, सुबह 5 बजे (IST): राष्ट्रपति से INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात की जानकारी जोड़ी गई है। प्रदर्शन, पाबंदियों और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी बाकी जानकारी 9 अक्टूबर शाम 6:15 बजे तक की है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 10 अक्टूबर का जंतर मंतर प्रदर्शन टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा है। दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। फिर भी CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि प्रदर्शन होगा। इस बीच 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेनें रद्द करने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है।
जंतर मंतर प्रदर्शन किस बात पर है?
यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। आयोजक उनका इस्तीफा मांग रहे हैं। वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच भी चाहते हैं। चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार भी उनकी मांगों में है।
इसे CJP और छात्र संगठन आइसा (AISA) ने मिलकर बुलाया है। प्रदर्शन शनिवार को है। इसका सटीक समय अभी सार्वजनिक नहीं है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले पहले ही कह चुके हैं कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे।
कौन-कौन से दल होंगे शामिल?
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वे अपने पूरे परिवार के साथ जंतर मंतर जाएंगे। उन्होंने देशभर के लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की। वहीं, AAP सांसद संजय सिंह ने साफ किया कि यह CJP का प्रदर्शन है, AAP का नहीं। उनके मुताबिक, पिछली बार सपा, लेफ्ट दल और बीजद भी शामिल हुए थे।
जंतर मंतर प्रदर्शन से पहले लेफ्ट दलों ने संयुक्त बयान जारी कर दिल्ली पुलिस की पाबंदियों की निंदा की है। उन्होंने प्रदर्शन के अधिकार को मौलिक अधिकार बताया।
हालांकि, कांग्रेस की तस्वीर अलग है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में रहेंगे। कांग्रेस नेता CJP के आंदोलन से दूरी रख सकते हैं।
सरकार और पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए?
- अनुमति से इनकार: संयुक्त पुलिस आयुक्त (नई दिल्ली) नुपुर प्रसाद के मुताबिक, जंतर मंतर प्रदर्शन की सूचना 7 अक्टूबर को मिली। नियम के मुताबिक, यह 10 दिन पहले मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पिछली बार CJP ने अपने लिखित वचन का पालन नहीं किया था। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।
- 57 मेट्रो स्टेशन: संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रांसपोर्ट रेंज) रजनीश गुप्ता ने 8 अक्टूबर को DMRC को पत्र लिखा। इसमें “बेकाबू भीड़” की आशंका जताई गई। इसके बाद DMRC ने एक्स पर बताया कि 57 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट 9 अक्टूबर रात 9 बजे से बंद रहेगी। यह रोक 10 अक्टूबर को अगले आदेश तक रहेगी। नई दिल्ली को छोड़कर इन स्टेशनों पर इंटरचेंज चालू रहेगा।
- ट्रेनें रद्द: रेल मंत्रालय ने 10 अक्टूबर सुबह 4 से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और निजामुद्दीन के आसपास भारी जाम की आशंका जताई। इसलिए इस दौरान इन स्टेशनों पर पहुंचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द हैं। यह नियम 9 अक्टूबर दोपहर 2 बजे के बाद चलने वाली ट्रेनों पर है। हावड़ा और सियालदह राजधानी (12301, 12313) और तेजस राजधानी (12309) भी रद्द हुईं।
- इटारसी में रोके गए यात्री: GRP अधिकारियों के मुताबिक, पुणे से दिल्ली जा रहे 21 लोगों को गुरुवार को इटारसी में गोवा एक्सप्रेस से उतारा गया। उन्हें होटल में रखकर लौटने को कहा गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कम से कम 30 लोग हिरासत में लिए गए। इन्हें भोपाल, इटारसी और ग्वालियर में ट्रेनों से उतारा गया। दो महिलाओं की हिरासत का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
- CEC की सुरक्षा: ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा में CISF के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं।
- केंद्रीय बल: गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस को CAPF की 221 कंपनियां दी हैं। इनमें करीब 23 हजार जवान हैं।
सुप्रीम कोर्ट: पूरी तरह रोक नहीं, नियंत्रित आवाजाही हो
मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेनें रद्द करने के खिलाफ कई याचिकाएं शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इन पर सुनवाई की।
जस्टिस बागची ने कहा, “ट्रेनों की आवाजाही नियंत्रित करें, लेकिन इसे पूरी तरह बंद न करें।” (अनुवाद) इसके बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पाबंदियों पर दोबारा विचार कराने को राजी हुए।
कोर्ट ने अपने आदेश में साफ लिखा कि मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं होगी। सेवाएं “उचित रूप से नियंत्रित” तरीके से चलें, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। मेहता ने बताया कि सरकार प्रदर्शन के लिए जंतर मंतर के अलावा कोई और जगह तय करने पर विचार करेगी।
सॉलिसिटर जनरल के मुताबिक, 20 जून को आयोजकों को एक दिन की अनुमति मिली थी। लेकिन तब प्रदर्शन 17 दिन चला। 9 अक्टूबर शाम 6:15 बजे तक DMRC या रेलवे की ओर से संशोधित एडवाइजरी सामने नहीं आई थी।
दीपके बोले- गिरफ्तार करो, जंतर मंतर प्रदर्शन होगा
अभिजीत दीपके ने कहा, “जंतर मंतर, प्रदर्शन के लिए तय जगह है, वहां पुलिस अनुमति की जरूरत नहीं।” (अनुवाद) पाबंदियों पर उन्होंने सवाल किया, “यह डर किस बात का है? आप देश के युवाओं से डरे हुए हैं।” (अनुवाद) उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता गिरफ्तारी और हिरासत के लिए तैयार हैं।
राष्ट्रपति से मिले INDIA गठबंधन के नेता, चार मांगों वाला ज्ञापन सौंपा
INDIA गठबंधन के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार (9 अक्टूबर) रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और सीपीएम के एम.ए. बेबी शामिल थे। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने बताया कि ज्ञापन में चार मांगें हैं: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए, मतदाता सूची का SIR बंद हो, चुनाव फिर से बैलेट पेपर से हों और पिछले दो साल में हुए चुनावों की समीक्षा हो।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने “वोट चोरी” के आरोपों का खंडन नहीं किया और उनसे सबूत मांगे (आजतक)। यह राहुल गांधी का बयान है। इस खबर के अपडेट होने तक हमें राष्ट्रपति भवन की ओर से मुलाकात पर कोई बयान नहीं मिला।
इससे पहले विपक्ष लगातार तीन दिन सड़कों पर उतरा। मंगलवार को चुनाव आयोग तक मार्च रोका गया। तब राहुल और प्रियंका आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठ गए। बुधवार को INDIA गठबंधन का लंच जंतर मंतर मार्च में बदला। गुरुवार को नेता राजघाट पहुंचे। AAP-कांग्रेस में खींचतान भी दिखी।
विश्लेषण: दिल्ली में अब नजर पाबंदियों के अमल पर
पुलिस अनुमति देने से मना कर चुकी है। फिर भी आयोजक प्रदर्शन करने पर अड़े हैं। इसलिए शनिवार को पहली नजर पाबंदियों पर होगी। देखना होगा कि कोर्ट के आदेश के बाद वे कितनी ढीली होती हैं। वहीं, कांग्रेस की दूरी और AAP-लेफ्ट की भागीदारी विपक्षी एकजुटता की असली तस्वीर दिखाएगी।
फीचर्ड फोटो (फाइल): One Rank One pension Agitation, Jantar mantar New Delhi.jpg, Sidheeq, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 लाइसेंस के तहत; 1280×720 में क्रॉप/रीसाइज़ किया गया।


