गोरखपुर लोकसभा सीट यूपी की सबसे चर्चित सीटों में गिनी जाती है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र है। 2024 में यहां भाजपा के सांसद रवि किशन दोबारा जीते। उन्होंने सपा की काजल निषाद को 1,03,526 वोटों से हराया। यह लेख चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।
गोरखपुर लोकसभा सीट 2024 का नतीजा
रवि किशन को 5,85,834 वोट मिले। यह कुल वैध वोटों का 51.09% था। काजल निषाद को 4,82,308 वोट (42.06%) मिले। बसपा के जावेद अशरफ 55,781 वोट (4.86%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे। NOTA को 7,681 वोट मिले।
सीट पर 21,01,746 मतदाता थे। करीब 54.9% मतदाताओं ने वोट डाला। यह प्रदेश के औसत 56.99% से कम था।
डाक मतपत्र
डाक मतपत्र में तस्वीर अलग रही। काजल निषाद को 1,520 डाक वोट मिले, जबकि रवि किशन को 1,322। लेकिन EVM के वोटों में रवि किशन बड़े अंतर से आगे रहे।
उम्मीदवार और अंतर
आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार चुनाव के समय रवि किशन की उम्र 55 वर्ष और काजल निषाद की 43 वर्ष थी। गोरखपुर लोकसभा सीट पर जीत का अंतर कुल वैध वोटों का करीब 9 प्रतिशत अंक रहा। काजल निषाद 2022 में कैंपियरगंज विधानसभा सीट से भी सपा की उम्मीदवार थीं और दूसरे स्थान पर रही थीं।
गोरखपुर लोकसभा सीट का इतिहास
योगी आदित्यनाथ 1998 से 2014 तक लगातार पांच बार गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ी। 2018 के उपचुनाव में सपा के प्रवीण निषाद जीते थे। इसके बाद 2019 और 2024 में रवि किशन ने यहां से जीत दर्ज की। योगी के सफर के बारे में योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर लेख में पढ़ें।
पांच विधानसभा क्षेत्र और 2022 का हाल
परिसीमन आदेश 2008 के अनुसार इस सीट में कैंपियरगंज, पिपराइच, गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण और सहजनवा विधानसभा क्षेत्र हैं। 2022 में पांचों सीटें भाजपा ने जीती थीं।
- कैंपियरगंज: भाजपा 42,656 वोटों से जीती
- पिपराइच: भाजपा 65,357 वोटों से जीती
- गोरखपुर शहर: योगी आदित्यनाथ 1,03,390 वोटों से जीते
- गोरखपुर ग्रामीण: भाजपा 24,070 वोटों से जीती
- सहजनवा: भाजपा 43,406 वोटों से जीती
2022 में इन पांचों क्षेत्रों को मिलाकर भाजपा को 6,61,668 और सपा को 3,82,789 वोट मिले थे। यानी भाजपा करीब 2.79 लाख वोट आगे थी। 2024 में यह बढ़त घटकर करीब 1.04 लाख रह गई। ध्यान रहे कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदाता का रुझान अलग होता है, इसलिए यह तुलना सिर्फ संकेत देती है।
विश्लेषण: बढ़त घटी, पकड़ बनी रही
गोरखपुर लोकसभा सीट पर भाजपा का वोट शेयर 2024 में भी 50% से ऊपर रहा। सपा ने 2022 के मुकाबले करीब एक लाख वोट ज्यादा जुटाए। बसपा का वोट 5% से कम रहा, इसलिए मुकाबला लगभग सीधा था। 2027 में ये पांचों विधानसभा सीटें भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल रहेंगी। पूरे प्रदेश का हाल यूपी लोकसभा चुनाव 2024 नतीजे लेख में है। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्टें; उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की रिपोर्ट; परिसीमन आदेश 2008।


