कन्नौज लोकसभा सीट पर 2024 में सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद उम्मीदवार थे। उन्होंने भाजपा के मौजूदा सांसद सुब्रत पाठक को 1,70,922 वोटों से हराया। यह सीट सपा के लिए पारिवारिक और राजनीतिक, दोनों रूप से अहम रही है। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की रिपोर्टों से हैं।
कन्नौज लोकसभा सीट 2024 का नतीजा
अखिलेश यादव को 6,42,292 वोट मिले। यह कुल वैध वोटों का 52.95% था। सुब्रत पाठक को 4,71,370 वोट (38.86%) मिले। बसपा के इमरान बिन जफर 81,639 वोट (6.73%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कुल 16 उम्मीदवार मैदान में थे। 4,818 मतदाताओं ने NOTA चुना।
सीट पर 19,93,616 मतदाता थे और 12,18,971 वोट पड़े। मतदान करीब 61.1% रहा। यह प्रदेश के औसत 56.99% से करीब 4 प्रतिशत अंक ज्यादा था।
उम्मीदवार और अंतर
आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार चुनाव के समय अखिलेश यादव की उम्र 50 वर्ष और सुब्रत पाठक की 44 वर्ष थी। जीत का अंतर कुल वैध वोटों का करीब 14 प्रतिशत अंक रहा। कन्नौज लोकसभा सीट पर अखिलेश यादव का वोट, भाजपा और बसपा के संयुक्त वोट से भी ज्यादा था।
डाक मतपत्र
अखिलेश यादव को 2,085 डाक वोट मिले, जबकि सुब्रत पाठक को 1,239। यानी डाक मतपत्र में भी सपा आगे रही। डाक वोट में सरकारी कर्मचारी, चुनाव ड्यूटी वाले कर्मी और सर्विस मतदाता शामिल होते हैं।
पांच विधानसभा क्षेत्र और 2022 का हाल
परिसीमन आदेश 2008 के अनुसार कन्नौज लोकसभा सीट में छिबरामऊ, तिर्वा, कन्नौज (SC), बिधूना और रसूलाबाद (SC) विधानसभा क्षेत्र हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में इनमें से चार भाजपा ने जीते थे।
- छिबरामऊ: भाजपा 1,111 वोटों से जीती
- तिर्वा: भाजपा 4,608 वोटों से जीती
- कन्नौज (SC): भाजपा 6,090 वोटों से जीती
- बिधूना: सपा 7,765 वोटों से जीती
- रसूलाबाद (SC): भाजपा 21,512 वोटों से जीती
2022 में इन पांचों क्षेत्रों को मिलाकर भाजपा को 5,33,013 और सपा को 5,07,457 वोट मिले थे। यानी अंतर सिर्फ करीब 25,500 वोट का था। चार में से तीन सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर 7,000 से कम था।
2024 में तस्वीर बदल गई। सपा का वोट 2022 के मुकाबले करीब 1.35 लाख बढ़ा, जबकि भाजपा का वोट करीब 62 हजार घटा। ध्यान रहे कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदाता का रुझान अलग हो सकता है, इसलिए यह तुलना सिर्फ संकेत देती है।
2027 में कन्नौज क्षेत्र
कन्नौज लोकसभा सीट की विधानसभा सीटें 2027 में दोनों दलों के लिए अहम रहेंगी। 2022 में यहां मुकाबला करीबी था और 2024 में सपा ने बड़ी बढ़त ली। कन्नौज विधानसभा सीट का इतिहास कन्नौज सीट लेख में है। अखिलेश यादव के 2024 के प्रदर्शन पर अखिलेश यादव 2024 लेख है।
विश्लेषण: बड़ी जीत के पीछे के आंकड़े
कन्नौज लोकसभा सीट पर अखिलेश यादव का वोट शेयर 50% से ऊपर रहा। इसका मतलब है कि अगर बाकी सभी उम्मीदवारों के वोट जोड़ दें, तब भी वे आगे रहते। बसपा का वोट 7% से कम रहा, इसलिए मुकाबला लगभग सीधा था। आंकड़े चुनाव आयोग की रिपोर्ट में हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्टें; उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की रिपोर्ट; परिसीमन आदेश 2008।


