कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP 2026 में देश की राजनीति का सबसे चर्चित नया नाम बनकर उभरी। इसकी शुरुआत एक व्यंग्य भरी सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। इसके संस्थापक अभिजीत दिपके हैं। कुछ ही महीनों में यह पहल दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़े प्रदर्शनों तक पहुंच गई। इस लेख में रिपोर्टों के आधार पर इसका अब तक का सफर दिया गया है।
कैसे हुई कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक 16 मई 2026 को अभिजीत दिपके ने X पर लिखा, “What if all cockroaches come together?” यह मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक मौखिक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया थी। उस टिप्पणी को बेरोजगार युवाओं से जोड़कर देखा गया था। मुख्य न्यायाधीश ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी बात फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने वालों के बारे में थी।
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक दिपके ने रजिस्ट्रेशन के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म साझा किया। कुछ ही घंटों में 5,000 से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया। नाम में “कॉकरोच” उस टिप्पणी से लिया गया।
कौन हैं अभिजीत दिपके
रिपोर्टों के अनुसार अभिजीत दिपके 30 साल के हैं और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से हैं। उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशंस) में मास्टर्स किया है। इससे पहले वे करीब तीन साल आम आदमी पार्टी के साथ काम कर चुके हैं।
सोशल मीडिया पर कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट भारत में आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत रोका गया था। यह धारा सरकार को कुछ ऑनलाइन सामग्री पर रोक लगाने का अधिकार देती है। यह कार्रवाई भी समाचार रिपोर्टों में चर्चा का विषय रही।
जंतर मंतर तक का सफर
जून-जुलाई के प्रदर्शन
रिपोर्टों के अनुसार CJP ने 6 जून को जंतर मंतर पर पहला प्रदर्शन किया। 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के मुताबिक 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।
अक्टूबर का आंदोलन
अक्टूबर 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के SIR से जुड़ी मांगों पर आंदोलन किया। 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन बुलाया गया। दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। उसी दिन दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। पूरी रिपोर्ट दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत लेख में है।
चुनाव आयोग से जुड़ी मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी के अक्टूबर आंदोलन का केंद्र चुनाव आयोग रहा। मतदाता सूची और SIR से जुड़ी प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर है। अब तक CJP ने किसी चुनाव में उम्मीदवार उतारने की घोषणा नहीं की है।
विश्लेषण: यूपी चुनाव पर क्या असर
कॉकरोच जनता पार्टी का आधार मुख्य रूप से युवाओं और सोशल मीडिया में है। संगठन ने अभी चुनाव लड़ने की कोई घोषणा नहीं की है। इसलिए 2027 के यूपी चुनाव में इसका सीधा असर अभी स्पष्ट नहीं है। बेरोजगारी जैसे मुद्दे जरूर चुनावी बहस में रह सकते हैं।
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स्रोत: ऊपर बताई गई समाचार रिपोर्टें; भारत निर्वाचन आयोग; UP Election News की पिछली रिपोर्टें।


