रामदास आठवले की दीपके को दो टूक: ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे

चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले (सितंबर 2017)
फाइल फोटो: चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले (सितंबर 2017)। फोटो: Ministry of Social Justice and Empowerment / Wikimedia Commons, GODL-India (क्रॉप/रीसाइज़ किया गया)

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर सड़क गरम है, और अब NDA खेमे से भी सीधा जवाब आया है। केंद्रीय मंत्री और RPI (आठवले) प्रमुख रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके से साफ कह दिया है कि यह मांग बेकार है। India TV की रिपोर्ट के मुताबिक रामदास आठवले का कहना है कि प्रदर्शन चाहे जितना बड़ा हो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे।

रामदास आठवले बोले, ज्ञानेश कुमार की कोई गलती नहीं

रामदास आठवले ने कहा, “ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध करने की कोई जरूरत नहीं है।” उन्होंने दीपके का परिचय भी अपने अंदाज में दिया। उनके मुताबिक दीपके महाराष्ट्र से आते हैं, दलित और बौद्ध समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और मुंबई में पहले भी आंदोलन कर चुके हैं, जिनमें NEET पेपर लीक से जुड़ा विरोध भी था।

मंत्री की दलील वोटर लिस्ट को लेकर है। उनका कहना है कि अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। लोग रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य जाते रहते हैं, इसलिए सूची को अपडेट करना जरूरी है। रामदास आठवले के शब्दों में, “इस मामले में ज्ञानेश कुमार की कोई गलती नहीं है।” वे मानते हैं कि CEC पारदर्शी चुनाव और वोटर लिस्ट की गलतियां सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं, इसलिए इस्तीफा मांगने का कोई मतलब नहीं बनता।

10 अक्टूबर का प्रदर्शन रद्द करने की सलाह

रामदास आठवले ने दीपके को 10 अक्टूबर का आंदोलन शांति से करने और इस्तीफे की मांग छोड़ने की सलाह दी। फिर एक कदम आगे बढ़कर बोले, “चाहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कितना भी विरोध क्यों न करे, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। उन्हें 10 अक्टूबर का विरोध प्रदर्शन रद्द कर देना चाहिए।”

प्रधानमंत्री पर टिप्पणियों को लेकर उन्होंने चेतावनी भी दी: “अभिजीत दीपके युवा और एक्टिव हैं लेकिन प्रधानमंत्री के बारे में अपमानजनक बातें कहना गलत है। उन्हें सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। वरना, रिपब्लिकन पार्टी उनके खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन कर सकती है।”

आठवले और दीपके की पुरानी तनातनी

दोनों के बीच यह पहली बहस नहीं है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक 17 अगस्त को रामदास आठवले ने दीपके को RPI (आठवले) में शामिल होने का न्योता दिया था और कहा था कि वे बाबासाहेब आंबेडकर का सपना पूरा करने में मदद करें। दीपके ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इंस्टाग्राम पर उन्होंने तंज कसा था, “अभी एक महीने पहले तो मैं एंटी-नेशनल था तुम्हारे लिए?”

फिर 3 अक्टूबर को मुंबई में रामदास आठवले ने आंबेडकर, पीएम मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर दीपके की टिप्पणियों को लेकर माफी की मांग की थी। PTI के मुताबिक उन्होंने कहा था कि ऐसे बयान बंद नहीं हुए तो RPI सख्त कदम उठाएगी। यह सब 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में हुए CJP के प्रदर्शन के बाद हुआ, जिसका ब्योरा हमारी इस रिपोर्ट में है।

दीपके की तीन मांगें, “पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा”

दीपके पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। India TV के मुताबिक उन्होंने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार को नहीं हटाया गया तो “पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा।” उनकी पहली मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और उन पर आपराधिक मामला दर्ज हो। दूसरी, SIR रोका जाए। तीसरी, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हो। उनका कहना है कि चुनाव आयोग सिर्फ “अमित शाह और नरेन्द्र मोदी की पसंद” नहीं होना चाहिए।

2 अक्टूबर की रात दीपके ने X पर लिखा था कि इस्तीफा नहीं हुआ तो देशभर से “कॉकरोच” 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेंगे, और पुलिस जहां रोकेगी वही उनका जंतर-मंतर होगा। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण और गांधी के रास्ते पर चलाने की बात भी कही थी।

आज बेंगलुरु, 10 अक्टूबर को दिल्ली

तारीखों को लेकर भ्रम न रहे, इसलिए साफ कर दें। CJP का आज यानी 8 अक्टूबर का कार्यक्रम बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में है, जहां SIR पर ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ और ‘चप्पल प्रोटेस्ट’ रखा गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन 10 अक्टूबर को होना है।

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने बुधवार को संसद मार्ग थाने में इस प्रदर्शन की लिखित सूचना दी। AISA, AISF, SFI और AAP का छात्र संगठन ASAP भी साथ हैं। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संसद मार्ग और आसपास BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, इसलिए प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी। India TV के अनुसार दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

उधर INDIA गठबंधन के सांसद भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मैदान में हैं। खरगे के लगातार दूसरे दिन के लंच के बाद उनका अगला कदम भी इसी हफ्ते की तस्वीर तय करेगा।

फीचर्ड फोटो (फाइल): The Minister of State for Social Justice & Empowerment, Shri Ramdas Athawale addressing a press conference, in Chandigarh on September 10, 2017.jpg, Ministry of Social Justice and Empowerment, Wikimedia Commons, GODL-India लाइसेंस के तहत; 1280×720 में क्रॉप किया गया।

टैग: , ,

Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

इनकी सभी खबरें →
इस खबर में गलती दिखी? हमें बताएं
हम हर सूचना की जाँच करते हैं। Corrections Policy