Sultanpur UP Opinion Poll 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की चर्चा तेज हो गई है। राज्य में 403 सीटें हैं। सरकार के लिए 202 सीटें चाहिए। न्यूज लीडर और मैट्राइज के ओपिनियन पोल ने अब अवध के सुल्तानपुर जिले का मूड भी दिखाया है। जिले में पांच विधानसभा सीटें हैं। इसौली, सुल्तानपुर, सुल्तानपुर सदर, लंभुआ और कादीपुर।
सर्वे के मुताबिक अगर आज चुनाव हों तो समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन यानी एसपी प्लस को चार सीटें मिल सकती हैं। भाजपा एक सीट पर आगे दिख रही है। यह आंकड़ा मौजूदा तस्वीर से अलग है। 2022 में जिले में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा था। अब पोल सपा गठबंधन को बढ़त देता है। यह अंतिम नतीजा नहीं है। यह सर्वे के समय का रुझान है।
| सीट | 2022 विजेता | सर्वे में बढ़त |
|---|---|---|
| इसौली | समाजवादी पार्टी | एसपी प्लस |
| सुल्तानपुर | भाजपा | एसपी प्लस |
| सुल्तानपुर सदर | भाजपा+ | एसपी प्लस |
| लंभुआ | भाजपा | एसपी प्लस |
| कादीपुर | भाजपा | भाजपा+ |
Sultanpur UP Opinion Poll 2027: सुल्तानपुर ओपिनियन पोल क्या कहता है?
सुल्तानपुर अवध का महत्वपूर्ण जिला है। पांच सीटों पर यहां मुकाबला हमेशा कड़ा रहा है। पोल में एसपी प्लस का मतलब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का संभावित गठबंधन है। अगर दोनों साथ लड़ते हैं तो उन सीटों को एसपी प्लस में गिना गया है।
पांच में से चार सीटों पर यही गठबंधन आगे बताया गया है। भाजपा सिर्फ कादीपुर पर मजबूत दिख रही है। यानी जिले के स्तर पर भाजपा को नुकसान का संकेत है। सपा अपने पुराने गढ़ इसौली को बचाने के साथ तीन और सीटें अपने पाले में लाती दिख रही है। स्थानीय समीकरण, पिछले अंतर और गठबंधन का असर इन आंकड़ों में दिखता है।
Sultanpur UP Opinion Poll 2027: इसौली में सपा का गढ़ कितना मजबूत है?
इसौली लंबे समय से समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है। 2002 से 2022 तक पांच विधानसभा चुनावों में यहां सपा के उम्मीदवार जीते। 2022 में मोहम्मद ताहिर खान ने 69,629 वोट पाए। भाजपा के ओम प्रकाश पांडेय बहुत पीछे नहीं थे। अंतर सिर्फ 269 वोट का था। बसपा के यश भद्र सिंह 54,119 वोट के साथ तीसरे रहे।
इतना पतला अंतर बताता है कि सीट कड़ी है। फिर भी पोल में इस बार भी एसपी प्लस को जीत का अनुमान दिया गया है। पुराना वोट आधार सपा के पक्ष में माना जा रहा है। गठबंधन हुआ तो कांग्रेस का थोड़ा वोट भी काम आ सकता है। भाजपा के लिए यह सीट काटनी आसान नहीं होगी। 269 वोट का फासला याद दिलाता है कि एक छोटी लहर नतीजा बदल सकती है।
Sultanpur UP Opinion Poll 2027: सुल्तानपुर और सदर सीट पर क्या बदलाव है?
सुल्तानपुर सीट पर 2022 में कांटे की टक्कर हुई थी। भाजपा के विनोद सिंह को 92,715 वोट मिले। सपा के अनूप संडा को 91,706 वोट। अंतर महज 1,009 वोट का था। बसपा तीसरे स्थान पर रही। इतने कम अंतर वाली सीट पर पोल अब एसपी प्लस को आगे बता रहा है। यानी 2022 वाली पतली बढ़त भाजपा के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही।
सुल्तानपुर सदर भी कड़े मुकाबले वाली सीट है। 2022 में भाजपा के राज प्रसाद उपाध्याय ने सपा के अरुण वर्मा को 15,754 वोट से हराया। उपाध्याय को 85,249 और वर्मा को 69,495 वोट मिले। बसपा तीसरे स्थान पर रही। इस बार पोल सदर पर भी एसपी प्लस को जीत का अनुमान देता है। 2022 का अंतर यहां अपेक्षाकृत ज्यादा था। फिर भी सर्वे मूड बदलने का संकेत देता है। स्थानीय मुद्दे और गठबंधन इस बदलाव की वजह बन सकते हैं।
Sultanpur UP Opinion Poll 2027: लंभुआ और कादीपुर में कौन आगे?
लंभुआ जिले की बड़ी सीटों में गिनी जाती है। 2022 में भाजपा के सीताराम वर्मा ने 82,999 वोट पाए। सपा के संतोष पांडे 9,533 वोट पीछे रहे। मुकाबला करीब था, लेकिन भाजपा जीती। पोल अब लंभुआ पर भी एसपी प्लस को आगे बताता है। अगर यह रुझान टिका तो भाजपा को एक और सीट गंवानी पड़ सकती है।
कादीपुर पर तस्वीर अलग है। 2022 में भाजपा के राजेश कुमार गौतम ने 96,405 वोट हासिल किए। सपा के भगेलू राम 25,723 वोट पीछे रहे। बसपा के हीरा लाल को 46,388 वोट मिले। यहां भाजपा की बढ़त साफ थी। पोल में भी कादीपुर भाजपा के खाते में ही दिख रही है। पांच सीटों में यही एक सीट भाजपा के पक्ष में बताई गई है।
कादीपुर पर बसपा का तीसरा स्थान भी गौर करने लायक है। अगर बसपा के वोट किसी तरफ झुके तो अंतर और बदल सकता है। फिलहाल सर्वे भाजपा को यहीं टिका हुआ दिखाता है।
Sultanpur UP Opinion Poll 2027: क्या यह जिले का अंतिम समीकरण है?
नहीं। ओपिनियन पोल सिर्फ मौजूदा राय बताता है। प्रत्याशी घोषणा, गठबंधन की पक्की बात, स्थानीय नेता और मतदान प्रतिशत नतीजा बदल सकते हैं। सुल्तानपुर में 2022 की कई सीटें बहुत कम अंतर से जीती गई थीं। इसौली 269 वोट, सुल्तानपुर 1,009 वोट। ऐसी सीटें हवा के रुख से पलटती हैं।
पोल का बड़ा संकेत यह है कि जिले में सपा-कांग्रेस संभावित गठबंधन चार सीटों तक पहुंच सकता है। भाजपा की पकड़ कादीपुर तक सिमटती दिख रही है। अवध के बाकी जिलों के आंकड़े आने के बाद पूरी तस्वीर और साफ होगी। अभी सुल्तानपुर का मूड सपा गठबंधन के पक्ष में ज्यादा और भाजपा के पक्ष में कम बताया जा रहा है।
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