कटेहरी विधानसभा सीट अंबेडकर नगर जिले में है। यह अंबेडकर नगर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 1990 के दशक से यहां बसपा का दबदबा रहा। 2022 में सपा जीती। 2024 के उपचुनाव में भाजपा ने 1991 के बाद पहली बार यह सीट जीती। इस लेख के आंकड़े चुनाव आयोग की रिपोर्टों और उपचुनाव के इंडेक्स कार्ड से हैं।
शुरुआती दौर: 1967 से 1991
आयोग के रिकॉर्ड में 1967 और 1969 में कांग्रेस जीती। 1977 में जनता पार्टी के रवींद्र नाथ तिवारी जीते। 1980 में कांग्रेस (आई) के जियाराम शुक्ल विधायक बने। रवींद्र नाथ तिवारी 1985 में जनता पार्टी और 1989 में जनता दल से फिर जीते। 1991 में भाजपा के अनिल कुमार तिवारी जीते।
बसपा का दौर
1993 में बसपा के राम देव वर्मा जीते। इसके बाद धर्मराज निषाद ने बसपा के टिकट पर 1996, 2002 और 2007 में लगातार तीन चुनाव जीते। 2008 के परिसीमन के बाद भी सीट का नाम कटेहरी ही रहा और इसका नंबर 277 हो गया।
2012 में सपा के शंखलाल मांझी ने 94,641 वोट (46.82%) पाकर बसपा के लालजी वर्मा को 17,620 वोटों से हराया। 2017 में लालजी वर्मा बसपा से जीते। उन्हें 84,358 वोट (36.33%) मिले और भाजपा के अवधेश कुमार द्विवेदी को 6,287 वोटों से हराया।
2022: लालजी वर्मा सपा से
2022 में लालजी वर्मा सपा के टिकट पर लड़े। उन्हें 93,524 वोट (37.78%) मिले। NDA की ओर से निषाद पार्टी के अवधेश कुमार को 85,828 वोट (34.67%) मिले। बसपा के प्रतीक पांडेय 58,482 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। अंतर 7,696 वोट रहा। करीब 62.8% मतदान हुआ।
कटेहरी विधानसभा सीट पर 2024 उपचुनाव
2024 में लालजी वर्मा अंबेडकर नगर से सांसद चुने गए। उन्होंने 1,37,247 वोटों से जीत दर्ज की। इसके बाद कटेहरी विधानसभा सीट खाली हुई। 20 नवंबर 2024 के उपचुनाव में भाजपा ने धर्मराज निषाद को उतारा, जो पहले बसपा से तीन बार यहां जीत चुके थे। उपचुनाव में कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 2 महिलाएं थीं।
धर्मराज निषाद को 1,04,091 वोट मिले। सपा की शोभावती वर्मा को 69,577 वोट मिले। अंतर 34,514 वोट रहा। बसपा के अमित वर्मा को 41,647 वोट मिले। 4,01,536 मतदाताओं में से 2,28,473 ने वोट डाला, यानी करीब 56.9% मतदान हुआ। सभी उपचुनावों के नतीजे यूपी उपचुनाव 2024 के नतीजे लेख में हैं।
बसपा का वोट
उपचुनाव में भी बसपा को 18% से ज्यादा वोट मिले। 2022 में उसे 23.62% वोट मिले थे। कटेहरी विधानसभा सीट उन चुनिंदा सीटों में है, जहां बसपा का आधार अब भी दिखता है।
विश्लेषण: 2027 में त्रिकोणीय मुकाबला संभव
कटेहरी विधानसभा सीट पर तीनों बड़े दलों का अपना आधार है। उपचुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बावजूद आम चुनाव में ज्यादा मतदान होने पर समीकरण बदल सकते हैं। 2027 में कटेहरी विधानसभा सीट पर बसपा का प्रदर्शन नतीजा तय करने में अहम रहेगा। इंडेक्स कार्ड चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 1967 से 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्टें; 277 कटेहरी उपचुनाव 2024 का इंडेक्स कार्ड; लोकसभा 2024 के नतीजे।


