2024 के लोकसभा चुनाव में 76 सीटों पर जीत का अंतर 3 लाख वोट या उससे ज्यादा रहा और 18 सीटों पर यह 5 लाख से भी ऊपर गया। सबसे बड़ी जीत मध्य प्रदेश की इंदौर सीट पर दर्ज हुई, जहां अंतर 11,75,092 वोट रहा। UP Election News ने चुनाव आयोग के आंकड़ों से देश की 20 सबसे बड़ी जीत की सूची तैयार की है।
लोकसभा 2024 की 20 सबसे बड़ी जीत
| सीट (राज्य) | विजेता दल | उपविजेता दल | अंतर |
|---|---|---|---|
| इंदौर (मध्य प्रदेश) | भाजपा | बसपा | 11,75,092 |
| धुबरी (असम) | कांग्रेस | एआईयूडीएफ | 10,12,476 |
| विदिशा (मध्य प्रदेश) | भाजपा | कांग्रेस | 8,21,408 |
| नवसारी (गुजरात) | भाजपा | कांग्रेस | 7,73,551 |
| गांधीनगर (गुजरात) | भाजपा | कांग्रेस | 7,44,716 |
| डायमंड हार्बर (पश्चिम बंगाल) | तृणमूल कांग्रेस | भाजपा | 7,10,930 |
| त्रिपुरा पश्चिम (त्रिपुरा) | भाजपा | कांग्रेस | 6,11,578 |
| वडोदरा (गुजरात) | भाजपा | कांग्रेस | 5,82,126 |
| रायपुर (छत्तीसगढ़) | भाजपा | कांग्रेस | 5,75,285 |
| तिरुवल्लूर (तमिलनाडु) | कांग्रेस | भाजपा | 5,72,155 |
| नलगोंडा (तेलंगाना) | कांग्रेस | भाजपा | 5,59,905 |
| गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) | भाजपा | सपा | 5,59,472 |
| खजुराहो (मध्य प्रदेश) | भाजपा | बसपा | 5,41,229 |
| गुना (मध्य प्रदेश) | भाजपा | कांग्रेस | 5,40,929 |
| पंचमहल (गुजरात) | भाजपा | कांग्रेस | 5,09,342 |
| विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) | तेलुगु देशम पार्टी | वाईएसआर कांग्रेस | 5,04,247 |
| भोपाल (मध्य प्रदेश) | भाजपा | कांग्रेस | 5,01,499 |
| मंदसौर (मध्य प्रदेश) | भाजपा | कांग्रेस | 5,00,655 |
| श्रीपेरंबदूर (तमिलनाडु) | डीएमके | एआईएडीएमके | 4,87,029 |
| त्रिपुरा पूर्व (त्रिपुरा) | भाजपा | माकपा | 4,86,819 |
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।
राज्य और दल के हिसाब से
सबसे बड़ी जीत वाली सूची की इन 20 सीटों में मध्य प्रदेश की 6, गुजरात की 4, त्रिपुरा की 2, तमिलनाडु की 2, असम की 1 सीटें प्रमुख हैं। दलवार देखें तो भाजपा को 14, कांग्रेस को 3, तृणमूल कांग्रेस को 1, तेलुगु देशम पार्टी को 1, डीएमके को 1 सीट मिली। इनमें 2 सीटें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित थीं।
किस राज्य में कितनी बड़ी जीत
| राज्य | 3 लाख से ज्यादा अंतर वाली सीटें |
|---|---|
| मध्य प्रदेश | 15 |
| गुजरात | 13 |
| तमिलनाडु | 9 |
| राजस्थान | 6 |
| तेलंगाना | 5 |
| आंध्र प्रदेश | 4 |
| पश्चिम बंगाल | 4 |
| असम | 3 |
| उत्तर प्रदेश | 3 |
| केरल | 2 |
भारत में लोकसभा चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से होते हैं। इसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, चाहे उसे 50% से कम वोट मिले हों। इसी वजह से किसी दल का वोट शेयर और उसकी सीटों की संख्या हमेशा एक अनुपात में नहीं होती। राज्यों के नतीजों को समझने के लिए सीटें और वोट शेयर दोनों देखना जरूरी है।
विश्लेषण
बड़े अंतर वाली कई सीटें बड़े शहरी इलाकों या ऐसे राज्यों की हैं जहां मुकाबला एकतरफा रहा। कुछ सीटों पर मुख्य विपक्षी उम्मीदवार के मैदान में न होने का असर भी अंतर पर दिखता है; उदाहरण के लिए इंदौर में कांग्रेस उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया था और वहां नोटा को 2,18,674 वोट मिले। 20वीं सबसे बड़ी जीत का अंतर भी 4,86,819 वोट रहा।
इस विश्लेषण के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की उन 42 सांख्यिकीय रिपोर्टों से लिए गए हैं, जिन्हें आयोग ने 26 दिसंबर 2024 को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सार्वजनिक किया था। इन रिपोर्टों में सीटवार उम्मीदवार, उनके वोट, उम्र, श्रेणी, डाक मतपत्र और नोटा तक का ब्योरा है। आयोग के मुताबिक ये रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारियों के इंडेक्स कार्ड पर आधारित हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी (इनमें सूरत की वह सीट भी शामिल है जहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए)। कांग्रेस को 99 और सपा को 37 सीटें मिलीं। 18वीं लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है। चुनावी आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (रिपोर्ट 33: निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा 2024 सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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