2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 248 सीटें ऐसी थीं, जहां तीसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को मिले वोट जीत के अंतर से ज्यादा थे। तीसरे स्थान पर रहने वालों में बसपा को 223, कांग्रेस को 11, सपा को 5, भाजपा को 4, रालोद को 2, निर्दलीय को 1, विकासशील इंसान पार्टी को 1, प्रगतिशील मानव समाज पार्टी को 1 सीट पर ऐसा हुआ। UP Election News ने भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से ऐसी सीटों का विश्लेषण किया है।
सबसे कम अंतर वाली ऐसी 20 सीटें
| सीट (जिला) | विजेता दल | अंतर | तीसरा (दल, वोट) |
|---|---|---|---|
| धामपुर (बिजनौर) | भाजपा | 203 | बसपा, 38,993 |
| कुर्सी (बाराबंकी) | भाजपा | 217 | बसपा, 35,561 |
| चांदपुर (बिजनौर) | सपा | 234 | बसपा, 37,359 |
| नहटौर (बिजनौर) | भाजपा | 258 | बसपा, 38,020 |
| रामनगर (बाराबंकी) | सपा | 261 | बसपा, 23,259 |
| इसौली (सुल्तानपुर) | सपा | 269 | बसपा, 54,119 |
| बिलासपुर (रामपुर) | भाजपा | 307 | बसपा, 18,870 |
| नकुड़ (सहारनपुर) | भाजपा | 315 | बसपा, 55,112 |
| बड़ौत (बागपत) | भाजपा | 315 | बसपा, 11,244 |
| कटरा (शाहजहांपुर) | भाजपा | 357 | कांग्रेस, 17,504 |
| दिबियापुर (औरैया) | सपा | 473 | बसपा, 31,500 |
| शाहगंज (जौनपुर) | निषाद पार्टी | 719 | बसपा, 48,957 |
| डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर) | सपा | 771 | बसपा, 20,416 |
| मुरादाबाद नगर (मुरादाबाद) | भाजपा | 782 | बसपा, 14,013 |
| जसराना (फिरोजाबाद) | सपा | 836 | बसपा, 16,955 |
| सुल्तानपुर (सुल्तानपुर) | भाजपा | 1,009 | बसपा, 22,521 |
| मानिकपुर (चित्रकूट) | अपना दल (एस) | 1,048 | बसपा, 45,367 |
| छिबरामऊ (कन्नौज) | भाजपा | 1,111 | बसपा, 22,000 |
| मड़ियाहूं (जौनपुर) | अपना दल (एस) | 1,206 | बसपा, 32,783 |
| फरेंदा (महराजगंज) | कांग्रेस | 1,246 | बसपा, 21,665 |
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।
मंडल और आरक्षण के हिसाब से
तीसरे उम्मीदवार के अंतर से ज्यादा वोट वाली की इन 248 सीटों को मंडलवार देखें तो लखनऊ मंडल की 27, वाराणसी मंडल की 24, अयोध्या मंडल की 20, प्रयागराज मंडल की 19, मुरादाबाद मंडल की 18 सीटें इसमें शामिल हैं। इनमें 59 सीटें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर दूसरे स्थान पर रहने वालों में सपा को 125, भाजपा को 89, रालोद को 9, बसपा को 8, सुभासपा को 6, अपना दल (एस) को 4, निषाद पार्टी को 4, कांग्रेस को 1, निर्दलीय को 1, जदयू को 1 सीट पर दूसरा स्थान मिला। इन सीटों से 30 महिला उम्मीदवार जीतीं।
इसका मतलब क्या है
इन सीटों पर तीसरे स्थान के उम्मीदवार का वोट इतना था कि अगर उसका एक हिस्सा भी दूसरे स्थान वाले के पास जाता, तो नतीजा बदल सकता था। लेकिन यह मान लेना सही नहीं होगा कि तीसरे उम्मीदवार के सारे वोट किसी एक दल को मिलते, क्योंकि मतदाता अलग-अलग कारणों से वोट देते हैं। इसलिए इसे ‘वोट कटवा’ जैसा निष्कर्ष नहीं, बल्कि मुकाबले की बहुकोणीय तस्वीर के तौर पर देखना चाहिए।
विश्लेषण
248 सीटें कुल सीटों का करीब 61.5% हैं। इन सीटों पर 2022 में भाजपा को 135, सपा को 88, अपना दल (एस) को 6, सुभासपा को 6, रालोद को 5, निषाद पार्टी को 5, जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) को 1, कांग्रेस को 1, बसपा को 1 सीट मिली। 2027 में गठबंधन और उम्मीदवारों के बदलने से इन सीटों का गणित फिर बदल सकता है।
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा। यूपी चुनाव के आंकड़ों पर आधारित ऐसे विश्लेषण के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
यह भी पढ़ें:
- यूपी चुनाव 2022 के नतीजे: NDA को 273, सपा गठबंधन को 125 सीटें; आंकड़ों में पूरी तस्वीर
- यूपी में छोटे दलों का वोट शेयर: 2022 और 2024 के आंकड़े
- यूपी विधानसभा चुनाव कैसे होता है: 403 सीटें, 202 का बहुमत और नामांकन से मतगणना तक की प्रक्रिया
स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
और पढ़ें: आपके लिए चुनी गई ख़बरें → (प्रायोजित)