योगी सरकार और उपचुनाव का रिकॉर्ड 2024 लोकसभा चुनाव के बाद खास चर्चा में रहा। लोकसभा में सपा ने यूपी में भाजपा से ज्यादा सीटें जीती थीं। इसके बाद 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। इनमें से 8 सीटें भाजपा और उसकी सहयोगी रालोद ने जीतीं। सपा को 2 सीटें मिलीं। यह लेख चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।
योगी सरकार और उपचुनाव: नवंबर 2024 की 9 सीटें
20 नवंबर 2024 को 9 सीटों पर मतदान हुआ और 23 नवंबर को नतीजे आए। आयोग के आंकड़ों के अनुसार:
- कुंदरकी: भाजपा के रामवीर सिंह 1,44,791 वोटों से जीते
- गाजियाबाद: भाजपा के संजीव शर्मा 69,351 वोटों से जीते
- खैर (SC): भाजपा के सुरेंद्र दिलेर 38,393 वोटों से जीते
- कटेहरी: भाजपा के धर्मराज निषाद 34,514 वोटों से जीते
- मीरापुर: रालोद की मिथलेश पाल 30,796 वोटों से जीतीं
- फूलपुर: भाजपा के दीपक पटेल 11,305 वोटों से जीते
- मझवां: भाजपा की शुचिस्मिता मौर्य 4,922 वोटों से जीतीं
- करहल: सपा के तेज प्रताप सिंह 14,725 वोटों से जीते
- सीसामऊ: सपा की नसीम सोलंकी 8,564 वोटों से जीतीं
सबसे बड़ी जीत कुंदरकी में रही। वहां रामवीर सिंह को 1,70,371 वोट मिले, जबकि सपा के मोहम्मद रिजवान को 25,580 वोट मिले। सबसे करीबी मुकाबला मझवां में रहा, जहां अंतर 5 हजार से भी कम था।
फरवरी 2025: मिल्कीपुर
5 फरवरी 2025 को अयोध्या जिले की मिल्कीपुर (SC) सीट पर उपचुनाव हुआ। भाजपा के चंद्रभानु पासवान ने सपा के अजीत प्रसाद को 61,710 वोटों से हराया। यहां मतदान करीब 65% रहा, जो इन 10 सीटों में सबसे ज्यादा था। पूरा इतिहास मिल्कीपुर विधानसभा सीट लेख में है।
2022 से तुलना: किसने क्या पाया
योगी सरकार और उपचुनाव की असली तस्वीर 2022 से तुलना में दिखती है।
2022 के आम चुनाव में इन 10 में से 5 सीटें सपा ने जीती थीं: करहल, सीसामऊ, कटेहरी, कुंदरकी और मिल्कीपुर। मीरापुर रालोद ने जीती थी, जो तब सपा के साथ थी। फूलपुर, गाजियाबाद और खैर भाजपा और मझवां निषाद पार्टी के पास थी।
उपचुनाव में सपा ने करहल और सीसामऊ बचाई। लेकिन कटेहरी, कुंदरकी और मिल्कीपुर भाजपा के पास चली गईं। रालोद अब भाजपा के साथ है, इसलिए मीरापुर भी NDA के खाते में गई।
कम मतदान
ज्यादातर सीटों पर मतदान कम रहा। आयोग के आंकड़ों के अनुसार 10 में से 6 सीटों पर मतदान 55% से कम रहा। गाजियाबाद में यह सिर्फ करीब 33% और फूलपुर में करीब 43% रहा। सीसामऊ में करीब 49% मतदान हुआ।
विश्लेषण: योगी सरकार और उपचुनाव का संदेश
योगी सरकार और उपचुनाव के इन नतीजों से भाजपा को 2024 लोकसभा चुनाव के कमजोर प्रदर्शन के बाद राहत मिली। लेकिन इन उपचुनावों में मतदान 2022 के मुकाबले काफी कम रहा। उपचुनाव में मुद्दे भी आम चुनाव से अलग होते हैं। इसलिए इन नतीजों को 2027 का सीधा संकेत मानना जल्दबाजी होगी। सभी सीटों का ब्योरा यूपी उपचुनाव 2024 नतीजे लेख में है। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, नवंबर 2024 और फरवरी 2025 के उपचुनाव परिणाम; उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की रिपोर्ट।
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