मझवां विधानसभा सीट मिर्जापुर जिले में है। 2024 के उपचुनाव में यहां का मुकाबला काफी करीबी रहा। भाजपा ने सपा को 4,922 वोटों से हराया। पिछले चार चुनावों में यहां चार अलग नतीजे देखने को मिले हैं। यह लेख चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।
परिसीमन से पहले का इतिहास
2008 के परिसीमन से पहले मिर्जापुर जिले में “मझवा” नाम की सीट थी। तब सीमाएं अलग थीं, इसलिए यह तुलना सिर्फ संदर्भ के लिए है। आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार 1967 और 1969 में यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। 1967 में कांग्रेस और 1969 में भारतीय जनसंघ जीता। 1974 में कांग्रेस और 1977 में जनता पार्टी को जीत मिली। 1980 और 1985 में यहां कांग्रेस जीती। 1989 में जनता दल जीता। 1991 और 1993 में बसपा और 1996 में भाजपा को जीत मिली। 2002 और 2007 में बसपा के डॉ. रमेश चंद बिंद जीते।
मझवां विधानसभा सीट के हालिया नतीजे
2012: बसपा
नए परिसीमन के बाद पहले चुनाव में भी बसपा के रमेश चंद जीते। उन्हें 83,870 वोट (39.72%) मिले। सपा के राजेंद्र प्रसाद 74,141 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। अंतर 9,729 वोट रहा।
2017: भाजपा
2017 में भाजपा की शुचिस्मिता मौर्य को 1,07,839 वोट मिले। उन्होंने 41,159 वोटों से जीत दर्ज की। यह इस सीट पर भाजपा की पहली जीत थी, क्योंकि 2012 का चुनाव नई सीमाओं पर पहला चुनाव था।
2022: निषाद पार्टी
2022 में यह सीट भाजपा गठबंधन में निषाद पार्टी के हिस्से आई। डॉ. विनोद कुमार बिंद को 1,03,235 वोट मिले। सपा के रोहित शुक्ला 69,648 वोट के साथ दूसरे और बसपा की पुष्पलता बिंद 52,990 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। अंतर 33,587 वोट रहा। तब सीट पर 3,97,877 मतदाता थे और मतदान 61.68% हुआ।
मझवां विधानसभा सीट पर 2024 का उपचुनाव
विनोद कुमार बिंद 2024 में भाजपा के टिकट पर भदोही से सांसद चुने गए। इसके बाद 20 नवंबर 2024 को मझवां विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। इस बार भाजपा ने शुचिस्मिता मौर्य को उतारा। उन्हें 77,737 वोट मिले। सपा की ज्योति बिंद 72,815 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। बसपा को 34,927 वोट मिले।
आयोग के आंकड़ों के अनुसार कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे और 10 की जमानत जब्त हुई। उपचुनाव में 4,00,410 मतदाता थे और मतदान करीब 50.4% रहा। यह 2022 से करीब 11 प्रतिशत अंक कम था। सभी उपचुनावों का हाल यूपी उपचुनाव 2024 नतीजे लेख में है।
विश्लेषण: करीबी होता मुकाबला
मझवां विधानसभा सीट पर भाजपा गठबंधन की जीत का अंतर 2017 में 41 हजार से ज्यादा था। 2022 में यह करीब 34 हजार रहा। उपचुनाव में यह घटकर 5 हजार से कम रह गया। मझवां विधानसभा सीट पर बसपा का वोट भी अहम रहा है। 2022 में उसे 52,990 और उपचुनाव में 34,927 वोट मिले। इसलिए 2027 में यहां त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बनी रह सकती है। करीबी सीटों पर यूपी की सबसे करीबी सीटें लेख भी पढ़ें। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की सांख्यिकीय रिपोर्टें (1980-2022) और नवंबर 2024 उपचुनाव का परिणाम।


