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भाजपा (BJP)

संजीव कुमार: जलेसर से भाजपा के विधायक, 2022 में 4,441 वोट से जीत

संजीव कुमार जलेसर विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं। 2022 में 4,441 वोट से जीत, 2017 का नतीजा, हलफनामे की जानकारी और सीट का गणित।

संजीव कुमार (जलेसर विधायक) की प्रोफाइल का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

संजीव कुमार उत्तर प्रदेश की जलेसर विधानसभा सीट (क्रमांक 106) से विधायक हैं। यह सीट एटा जिले में आती है और आगरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। जलेसर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2022 के विधानसभा चुनाव में संजीव कुमार भाजपा के टिकट पर जीते थे।

UP Election News की इस प्रोफाइल में संजीव कुमार के चुनावी सफर, जलेसर सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।

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2022 का चुनाव: जलेसर में कितने वोट, कितना अंतर

2022 के विधानसभा चुनाव में जलेसर सीट पर संजीव कुमार (भाजपा) को 91,339 वोट यानी 45.10% वोट मिले। दूसरे स्थान पर रणजीत सुमन (सपा) रहे, जिन्हें 86,898 वोट (42.91%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 4,441 वोट रहा, जिसे बेहद करीबी जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के आकाश सिंह को 19,364 वोट मिले।

इस चुनाव में सीट पर कुल 2,97,452 मतदाता थे और मतदान 68.09% रहा। मैदान में 14 उम्मीदवार थे, जबकि 619 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

2017 में जलेसर सीट का हाल

2017 के विधानसभा चुनाव में जलेसर सीट भाजपा के संजीव कुमार दिवाकर ने जीती थी। उन्हें 81,502 वोट (44.43%) मिले थे और उन्होंने सपा के रणजीत सुमन को 19,808 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 65.84% रहा था। यानी 2022 में भाजपा ने यह सीट बरकरार रखी।

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चुनाव विजेता दल वोट जीत का अंतर
2017 संजीव कुमार दिवाकर भाजपा 81,502 19,808
2022 संजीव कुमार भाजपा 91,339 4,441

हलफनामे में क्या जानकारी दी गई

2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 43 साल थी और शैक्षणिक योग्यता स्नातक है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹1,39,99,507 (करीब 1.40 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी, जबकि देनदारियां ₹1,42,107 (करीब 1.42 लाख रुपये) बताई गई थीं। हलफनामे के मुताबिक उन पर कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं था।

ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।

एटा जिले और 2027 के लिहाज से सीट

एटा जिले में विधानसभा की 4 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 4 सीटें जीती थीं। जलेसर में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 2,80,441 से बढ़कर 2,97,452 हुई और मतदान 2.25 प्रतिशत अंक बढ़ा। नोटा को 2017 में 1,188 और 2022 में 619 वोट मिले थे।

मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। जलेसर में 2022 का अंतर बेहद कम था, इसलिए यहां अगली लड़ाई पर सबकी नजर रहेगी। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर संजीव कुमार का हलफनामा।

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