SIR क्या है, यह सवाल 2025-26 में उत्तर प्रदेश के हर मतदाता से जुड़ गया। SIR का अर्थ है Special Intensive Revision, यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण। इसमें पुरानी सूची में केवल नाम जोड़ने-हटाने के बजाय हर मतदाता का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाता है। यूपी में यह प्रक्रिया अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 तक चली।
SIR क्या है और सामान्य पुनरीक्षण से कैसे अलग है
हर साल होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision) में मौजूदा सूची को आधार माना जाता है। लोग फॉर्म भरकर नाम जुड़वाते, हटवाते या सुधरवाते हैं। गहन पुनरीक्षण में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) हर घर जाकर गणना प्रपत्र देते हैं और मतदाता से भरवाकर वापस लेते हैं। जिनका प्रपत्र नहीं मिलता या जो पते पर नहीं मिलते, उनके नाम मसौदा सूची में नहीं आते।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को किसी भी क्षेत्र की सूची का विशेष पुनरीक्षण कराने का अधिकार देती है। SIR इसी प्रावधान के तहत कराया गया। इसलिए SIR क्या है, इसका सीधा जवाब है: कानून के तहत पूरी सूची का नए सिरे से सत्यापन।
SIR के चरण
SIR क्या है, इसे इसके चरणों से समझना आसान है। पहला चरण गणना का है, जिसमें BLO घर-घर प्रपत्र बांटते और जमा करते हैं। दूसरे चरण में मसौदा सूची प्रकाशित होती है। तीसरे चरण में दावे और आपत्तियां ली जाती हैं, नोटिस और सुनवाई होती है। अंत में अंतिम सूची प्रकाशित होती है।
- नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6
- नाम हटाने या आपत्ति के लिए फॉर्म 7
- पता बदलने या सुधार के लिए फॉर्म 8
फॉर्म 6 से जुड़ी जानकारी फॉर्म 6 और एनेक्सचर डी लेख में है।
उत्तर प्रदेश में SIR की समय-सारिणी
चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर 2025 को दूसरे चरण के SIR की घोषणा की, जिसमें उत्तर प्रदेश शामिल था। उसी दिन प्रकाशित सूची में प्रदेश के करीब 15.44 करोड़ मतदाता थे। गणना चरण की अंतिम तिथि कई बार बढ़ाई गई। मसौदा सूची 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित हुई। अंतिम सूची पहले 6 मार्च को आनी थी, जिसे बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 किया गया।
SIR के बाद यूपी के आंकड़े
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 10 अप्रैल 2026 को अंतिम सूची के आंकड़े जारी किए। The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार अंतिम सूची में 13,39,84,792 मतदाता हैं। इनमें 7,30,71,071 पुरुष, 6,09,09,525 महिलाएं और 4,206 तृतीय लिंग मतदाता हैं। 18-19 वर्ष के 17,63,360 मतदाता हैं, जो कुल का 1.32% है।
SIR के आंकड़ों में मसौदा सूची से अंतिम सूची तक 84,28,767 मतदाता जुड़े। SIR से पहले की सूची की तुलना में शुद्ध रूप से 2,04,45,300 नाम कम हुए, जो 13.21% है। लिंगानुपात मसौदा सूची के 824 से सुधरकर प्रति 1,000 पुरुष मतदाताओं पर 834 महिला मतदाता हो गया।
मतदाता के लिए क्या जरूरी है
SIR क्या है, यह जानने के साथ यह देखना भी जरूरी है कि आपका नाम अंतिम सूची में है या नहीं। नाम न होने पर फॉर्म 6 भरकर नाम जुड़वाया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा आयोग के वोटर पोर्टल और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर है। किसी भी जानकारी के लिए अपने BLO या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
SIR क्या है और इसका असर क्या होगा, यह 2027 में साफ दिखेगा। 2027 का विधानसभा चुनाव इसी अंतिम सूची और उसके बाद होने वाले निरंतर पुनरीक्षण के आधार पर होगा।
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स्रोत: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950; मतदाता सूची के आंकड़े मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की 10 अप्रैल 2026 की प्रेस कॉन्फ्रेंस (The Hindu और Hindustan Times की रिपोर्ट) से।


