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भाजपा (BJP)

सुरेश राही: हरगांव से भाजपा के विधायक, 2022 में 38,160 वोट से जीत

सुरेश राही हरगांव विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं। 2022 में 38,160 वोट से जीत, 2017 का नतीजा, हलफनामे की जानकारी और सीट का गणित।

सुरेश राही (हरगांव विधायक) की प्रोफाइल का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

सुरेश राही उत्तर प्रदेश की हरगांव विधानसभा सीट (क्रमांक 147) से विधायक हैं। यह सीट सीतापुर जिले में आती है और धौरहरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। हरगांव सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सुरेश राही भाजपा के टिकट पर जीते थे। वे योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य मंत्री हैं।

UP Election News की इस प्रोफाइल में सुरेश राही के चुनावी सफर, हरगांव सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।

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2022 का चुनाव: हरगांव में कितने वोट, कितना अंतर

2022 के विधानसभा चुनाव में हरगांव सीट पर सुरेश राही (भाजपा) को 1,16,691 वोट यानी 52.46% वोट मिले। दूसरे स्थान पर रामहेत भारती (सपा) रहे, जिन्हें 78,531 वोट (35.31%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 38,160 वोट रहा, जिसे साफ जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के रानू चौधरी को 16,226 वोट मिले।

इस चुनाव में सीट पर कुल 3,26,771 मतदाता थे और मतदान 68.07% रहा। मैदान में 9 उम्मीदवार थे, जबकि 1,688 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

2017 में हरगांव सीट का हाल

2017 के विधानसभा चुनाव में हरगांव सीट भाजपा के सुरेश राही ने जीती थी। उन्हें 1,01,680 वोट (46.42%) मिले थे और उन्होंने बसपा के रामहेत भारती को 44,995 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 71.33% रहा था। यानी 2022 में भाजपा ने यह सीट बरकरार रखी। सुरेश राही 2017 में भी इसी सीट से जीते थे, इसलिए 2022 की जीत उनकी यहां से लगातार दूसरी जीत थी।

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चुनाव विजेता दल वोट जीत का अंतर
2017 सुरेश राही भाजपा 1,01,680 44,995
2022 सुरेश राही भाजपा 1,16,691 38,160

हलफनामे में क्या जानकारी दी गई

2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 50 साल थी और शैक्षणिक योग्यता परास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएट) है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹3,39,86,395 (करीब 3.40 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी, जबकि देनदारियां ₹3,95,000 (करीब 3.95 लाख रुपये) बताई गई थीं। हलफनामे के मुताबिक उन पर 1 आपराधिक मामला घोषित था।

ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।

सीतापुर जिले और 2027 के लिहाज से सीट

सीतापुर जिले में विधानसभा की 9 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 8, सपा 1 सीटें जीती थीं। हरगांव में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,10,182 से बढ़कर 3,26,771 हुई और मतदान 3.26 प्रतिशत अंक घटा। नोटा को 2017 में 2,220 और 2022 में 1,688 वोट मिले थे।

मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। हरगांव में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा, उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की सूची। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर सुरेश राही का हलफनामा।

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