2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 71 सीटों पर विजेता को 50% या उससे ज्यादा वोट मिले, यानी इन सीटों पर बाकी सभी उम्मीदवारों के कुल वोट भी विजेता से कम रहे। बाकी 332 सीटों पर विजेता आधे से कम वोट पाकर जीता। UP Election News ने चुनाव आयोग के आंकड़ों से यह विश्लेषण तैयार किया है।
सबसे ज्यादा वोट शेयर से जीतने वाले 20 विधायक
| सीट (जिला) | विधायक (दल) | वोट शेयर |
|---|---|---|
| कुंडा (प्रतापगढ़) | रघुराज प्रताप सिंह (निर्दलीय) | 69.32% |
| नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) | पंकज सिंह (भाजपा) | 64.29% |
| रायबरेली (रायबरेली) | अदिति सिंह (कांग्रेस) | 62.94% |
| साहिबाबाद (गाजियाबाद) | सुनील कुमार शर्मा (भाजपा) | 62.14% |
| राठ (हमीरपुर) | मनीषा अनुरागी (भाजपा) | 62.14% |
| गोविंद नगर (कानपुर नगर) | सत्य देव पचौरी (भाजपा) | 60.88% |
| लखनऊ पूर्व (लखनऊ) | आशुतोष टंडन गोपाल जी (भाजपा) | 59.71% |
| आगरा उत्तर (आगरा) | जगन प्रसाद गर्ग (भाजपा) | 58.88% |
| वाराणसी कैंट (वाराणसी) | सौरभ श्रीवास्तव (भाजपा) | 58.46% |
| मनकापुर (गोंडा) | रमापति शास्त्री (भाजपा) | 58.20% |
| मथुरा (मथुरा) | श्रीकांत शर्मा (भाजपा) | 56.93% |
| हाथरस (हाथरस) | हरि शंकर माहौर (भाजपा) | 56.40% |
| महाराजपुर (कानपुर नगर) | सतीश महाना (भाजपा) | 56.25% |
| मेरठ कैंट (मेरठ) | सत्य प्रकाश अग्रवाल (भाजपा) | 56.20% |
| गोरखपुर शहर (गोरखपुर) | डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल (भाजपा) | 56.07% |
| मुरादनगर (गाजियाबाद) | अजीत पाल त्यागी (भाजपा) | 55.75% |
| पुवायां (शाहजहांपुर) | चेतराम (भाजपा) | 55.75% |
| गाजियाबाद (गाजियाबाद) | अतुल गर्ग (भाजपा) | 55.28% |
| इगलास (अलीगढ़) | राजवीर दिलेर (भाजपा) | 55.05% |
| जसवंतनगर (इटावा) | शिवपाल सिंह यादव (सपा) | 54.73% |
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।
दलवार हिसाब
50% से ज्यादा वोट वाली 71 सीटों में भाजपा को 62, सपा को 3, निर्दलीय को 2, अपना दल (एस) को 2, कांग्रेस को 1, सुभासपा को 1 सीट मिली।
मंडल और आरक्षण के हिसाब से
50% से ज्यादा वोट वाली की इन 71 सीटों को मंडलवार देखें तो मेरठ मंडल की 12, प्रयागराज मंडल की 8, लखनऊ मंडल की 7, कानपुर मंडल की 6, गोरखपुर मंडल की 6 सीटें इसमें शामिल हैं। इनमें 21 सीटें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर दूसरे स्थान पर रहने वालों में सपा को 48, रालोद को 7, बसपा को 7, भाजपा को 3, कांग्रेस को 2, अपना दल (एस) को 1, निर्दलीय को 1, सुभासपा को 1, अपना दल (कमेरावादी) को 1 सीट पर दूसरा स्थान मिला। इन सीटों से 10 महिला उम्मीदवार जीतीं।
विश्लेषण
सबसे कम वोट शेयर पर जीत बांसडीह में दर्ज हुई, जहां विजेता को 24.50% वोट मिले। फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली में बहुमत जरूरी नहीं होता; सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है। 2017 में भाजपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन और बसपा के बीच कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला था, इसलिए 50% से ज्यादा वोट वाली सीटें 2022 के मुकाबले कम रहीं।
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा। यूपी चुनाव के आंकड़ों पर आधारित ऐसे विश्लेषण के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
यह भी पढ़ें:
- यूपी विधानसभा चुनाव कैसे होता है: 403 सीटें, 202 का बहुमत और नामांकन से मतगणना तक की प्रक्रिया
- यूपी चुनाव 2022 के नतीजे: NDA को 273, सपा गठबंधन को 125 सीटें; आंकड़ों में पूरी तस्वीर
- यूपी चुनाव 2017 के नतीजे: भाजपा को 312 सीटें, बसपा ने सपा से ज्यादा वोट पाकर भी जीतीं सिर्फ 19
स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
और पढ़ें: आपके लिए चुनी गई ख़बरें → (प्रायोजित)