2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 15 सीटों पर जीत का अंतर 1,000 वोट से कम और 53 सीटों पर 5,000 वोट से कम रहा। भारत निर्वाचन आयोग के विस्तृत परिणाम के आधार पर UP Election News ने 2022 की 20 सबसे करीबी सीटों की सूची तैयार की है। सबसे कम अंतर धामपुर में रहा, जहां फैसला सिर्फ 203 वोटों से हुआ।
2022 की 20 सबसे करीबी सीटें
| सीट (जिला) | विजेता (दल) | उपविजेता दल | अंतर |
|---|---|---|---|
| धामपुर (बिजनौर) | अशोक कुमार राणा (भाजपा) | सपा | 203 |
| कुर्सी (बाराबंकी) | सकेंद्र प्रताप (भाजपा) | सपा | 217 |
| चांदपुर (बिजनौर) | स्वामी ओमवेश (सपा) | भाजपा | 234 |
| नहटौर (बिजनौर) | ओमकुमार (भाजपा) | रालोद | 258 |
| रामनगर (बाराबंकी) | फरीद महफूज किदवई (सपा) | भाजपा | 261 |
| इसौली (सुल्तानपुर) | मो. ताहिर खान (सपा) | भाजपा | 269 |
| बिलासपुर (रामपुर) | बलदेव सिंह औलख (भाजपा) | सपा | 307 |
| नकुड़ (सहारनपुर) | मुकेश चौधरी (भाजपा) | सपा | 315 |
| बड़ौत (बागपत) | कृष्ण पाल मलिक (भाजपा) | रालोद | 315 |
| कटरा (शाहजहांपुर) | वीर विक्रम सिंह (भाजपा) | सपा | 357 |
| दिबियापुर (औरैया) | प्रदीप कुमार (सपा) | भाजपा | 473 |
| शाहगंज (जौनपुर) | रमेश (निषाद पार्टी) | सपा | 719 |
| डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर) | सैयदा खातून (सपा) | भाजपा | 771 |
| मुरादाबाद नगर (मुरादाबाद) | रितेश कुमार गुप्ता (भाजपा) | सपा | 782 |
| जसराना (फिरोजाबाद) | सचिन यादव (सपा) | भाजपा | 836 |
| सुल्तानपुर (सुल्तानपुर) | विनोद सिंह (भाजपा) | सपा | 1,009 |
| मानिकपुर (चित्रकूट) | अविनाश चंद्र द्विवेदी (अपना दल (एस)) | सपा | 1,048 |
| छिबरामऊ (कन्नौज) | अर्चना पांडेय (भाजपा) | सपा | 1,111 |
| मड़ियाहूं (जौनपुर) | डॉ. आर के पटेल (अपना दल (एस)) | सपा | 1,206 |
| फरेंदा (महराजगंज) | वीरेंद्र चौधरी (कांग्रेस) | भाजपा | 1,246 |
मंडल और आरक्षण के हिसाब से
2022 की सबसे करीबी सूची की इन 20 सीटों को मंडलवार देखें तो मुरादाबाद मंडल की 5, अयोध्या मंडल की 4, कानपुर मंडल की 2, वाराणसी मंडल की 2, सहारनपुर मंडल की 1 सीटें इसमें शामिल हैं। इनमें 1 सीटें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर दूसरे स्थान पर रहने वालों में सपा को 11, भाजपा को 7, रालोद को 2 सीट पर दूसरा स्थान मिला। इन सीटों से 2 महिला उम्मीदवार जीतीं।
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।
किस दल ने जीतीं करीबी सीटें
इन 20 सबसे करीबी सीटों में भाजपा को 10, सपा को 6, अपना दल (एस) को 2, निषाद पार्टी को 1, कांग्रेस को 1 सीट मिली। करीबी मुकाबलों में जीत-हार का असर कुल सीटों पर सीधा पड़ता है, क्योंकि कुछ सौ वोट इधर-उधर होने से सीट दूसरे दल के पास जा सकती है।
विश्लेषण
53 सीटों पर 5,000 से कम अंतर का मतलब है कि 2022 में करीब 13.2% सीटें बेहद करीबी रहीं। ऐसी सीटों पर नोटा, छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिले वोट भी नतीजे के लिहाज से अहम हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, सबसे करीबी सीट धामपुर पर नोटा को 834 वोट मिले, जबकि जीत का अंतर 203 वोट था।
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा। यूपी चुनाव के आंकड़ों पर आधारित ऐसे विश्लेषण के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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