2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर कुल 6,37,313 मतदाताओं ने नोटा (इनमें से कोई नहीं) का बटन दबाया। सबसे ज्यादा 4,756 नोटा वोट दुद्धी सीट पर पड़े। UP Election News ने भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से नोटा के सबसे ज्यादा वोट वाली 15 सीटें और उन सीटों की सूची तैयार की है जहां नोटा के वोट जीत के अंतर से ज्यादा रहे।
2022 में सबसे ज्यादा नोटा वोट वाली 15 सीटें
| सीट (जिला) | नोटा वोट | विजेता दल | जीत का अंतर |
|---|---|---|---|
| दुद्धी (सोनभद्र) | 4,756 | भाजपा | 6,297 |
| घोरावल (सोनभद्र) | 4,482 | भाजपा | 23,922 |
| राठ (हमीरपुर) | 4,268 | भाजपा | 61,979 |
| चुनार (मिर्जापुर) | 3,921 | भाजपा | 47,614 |
| ललितपुर (ललितपुर) | 3,880 | भाजपा | 1,07,215 |
| रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) | 3,612 | भाजपा | 5,621 |
| भिनगा (श्रावस्ती) | 3,551 | सपा | 13,574 |
| मऊरानीपुर (झांसी) | 3,471 | अपना दल (एस) | 58,595 |
| नरैनी (बांदा) | 3,420 | भाजपा | 6,719 |
| मानिकपुर (चित्रकूट) | 3,325 | अपना दल (एस) | 1,048 |
| महरौनी (ललितपुर) | 3,295 | भाजपा | 1,10,451 |
| चित्रकूट (चित्रकूट) | 3,290 | सपा | 20,876 |
| छानबे (मिर्जापुर) | 3,224 | अपना दल (एस) | 38,113 |
| श्रावस्ती (श्रावस्ती) | 3,198 | भाजपा | 1,457 |
| ओबरा (सोनभद्र) | 3,077 | भाजपा | 26,442 |
मंडल और आरक्षण के हिसाब से
2022 में सबसे ज्यादा नोटा वाली सूची की इन 15 सीटों को मंडलवार देखें तो मिर्जापुर मंडल की 6, चित्रकूट मंडल की 4, झांसी मंडल की 3, देवीपाटन मंडल की 2 सीटें इसमें शामिल हैं। इनमें 7 सीटें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर दूसरे स्थान पर रहने वालों में सपा को 10, बसपा को 2, भाजपा को 2, अपना दल (कमेरावादी) को 1 सीट पर दूसरा स्थान मिला। इन सीटों से 4 महिला उम्मीदवार जीतीं।
तालिका: UP Election News, आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग।
जहां नोटा जीत के अंतर से बड़ा रहा
2022 में 22 सीटों पर नोटा को मिले वोट जीत के अंतर से ज्यादा थे: धामपुर (नोटा 834, अंतर 203), कुर्सी (नोटा 1,723, अंतर 217), चांदपुर (नोटा 854, अंतर 234), नहटौर (नोटा 1,057, अंतर 258), रामनगर (नोटा 1,822, अंतर 261), इसौली (नोटा 1,626, अंतर 269), बिलासपुर (नोटा 1,197, अंतर 307), नकुड़ (नोटा 710, अंतर 315), बड़ौत (नोटा 579, अंतर 315), कटरा (नोटा 1,091, अंतर 357), दिबियापुर (नोटा 928, अंतर 473), शाहगंज (नोटा 1,643, अंतर 719); इनके अलावा कुछ और सीटें भी इस सूची में हैं।
नोटा का नियम
नोटा का विकल्प 2013 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ईवीएम में जोड़ा गया। मौजूदा नियमों में नोटा के वोट गिने जाते हैं, लेकिन उनसे नतीजा नहीं बदलता। अगर नोटा को सबसे ज्यादा वोट भी मिलें, तब भी सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार ही विजेता घोषित होता है।
विश्लेषण
नोटा के वोट किसी उम्मीदवार के खाते में नहीं जाते, लेकिन करीबी सीटों पर यह संख्या दिखाती है कि कितने मतदाता किसी उम्मीदवार से संतुष्ट नहीं थे। 2022 में औसतन हर सीट पर करीब 1581 नोटा वोट पड़े।
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा। यूपी चुनाव के आंकड़ों पर आधारित ऐसे विश्लेषण के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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