यूपी चुनाव 2022 में जमानत जब्त होने वाले उम्मीदवारों की संख्या बहुत बड़ी रही। चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 4,442 उम्मीदवारों में से 3,519 अपनी जमानत राशि नहीं बचा सके। यानी करीब 79% उम्मीदवार। इस लेख में नियम और यूपी चुनाव 2022 में जमानत जब्त होने के दलवार आंकड़े दिए गए हैं।
जमानत राशि का नियम
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 34 के अनुसार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को 10,000 रुपये जमा करने होते हैं। SC और ST उम्मीदवारों के लिए यह राशि 5,000 रुपये है। लोकसभा चुनाव में यह राशि 25,000 रुपये और SC-ST उम्मीदवारों के लिए 12,500 रुपये है।
अधिनियम की धारा 158 के अनुसार अगर उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से (1/6) से ज्यादा वोट नहीं मिलते, तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है। जीतने वाले उम्मीदवार की राशि हमेशा लौटाई जाती है।
यूपी चुनाव 2022 में जमानत जब्त: दलवार आंकड़े
- कांग्रेस: 399 में से 387 उम्मीदवार
- आम आदमी पार्टी: 349 में से 349 उम्मीदवार
- बसपा: 403 में से 287 उम्मीदवार
- आजाद समाज पार्टी (कांशीराम): 110 में से 110 उम्मीदवार
- AIMIM: 95 में से 95 उम्मीदवार
- सपा: 347 में से 6 उम्मीदवार
- भाजपा: 376 में से 3 उम्मीदवार
रालोद के 33 में से 3 और सुभासपा के 19 में से 5 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। अपना दल (एस) और निषाद पार्टी के किसी उम्मीदवार की जमानत नहीं गई।
महिला उम्मीदवार
यूपी चुनाव 2022 में जमानत जब्त होने वालों में 454 महिलाएं थीं। कुल 559 महिलाएं मैदान में थीं और 47 जीतीं। पुरुष उम्मीदवारों में 3,880 में से 3,062 की जमानत गई।
2017 से तुलना
2017 में 4,853 उम्मीदवार मैदान में थे। तब 3,736 की जमानत चली गई थी। यानी 2022 में उम्मीदवार कम हुए और जमानत जब्त होने वालों की संख्या भी घटी। 2017 के मुकाबले यूपी चुनाव 2022 में जमानत जब्त होने वालों की संख्या 217 कम रही। फिर भी अनुपात लगभग बराबर रहा।
2017 में कांग्रेस 114 सीटों पर लड़ी थी और उसके 29 उम्मीदवारों की जमानत गई थी। तब सपा के 311 में से 25 उम्मीदवार जमानत नहीं बचा सके थे। रालोद के 277 में से 266 उम्मीदवारों की जमानत गई थी। 2022 में रालोद ने सपा के साथ गठबंधन में सिर्फ 33 सीटों पर चुनाव लड़ा।
2017 में बसपा के सिर्फ 81 उम्मीदवारों की जमानत चली गई थी। 2022 में यह संख्या 287 हो गई। यह बसपा के घटते वोट शेयर का सीधा संकेत है। विस्तार से बसपा का वोट शेयर लेख में है।
विश्लेषण: जमानत जब्त होने का मतलब
यूपी चुनाव 2022 में जमानत जब्त होने के आंकड़े बताते हैं कि मुकाबला कुछ ही दलों के बीच सिमटा है। 2022 में भाजपा और सपा के गठबंधनों ने ज्यादातर वोट आपस में बांट लिए। कांग्रेस के 97% उम्मीदवारों की जमानत चली गई। 2027 में छोटे दल और निर्दलीय उम्मीदवार इस स्थिति को कितना बदल पाते हैं, यह देखना होगा। सभी आंकड़े चुनाव आयोग की रिपोर्ट में हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 और 2022 की हाइलाइट और दलवार प्रदर्शन रिपोर्टें; लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951, धारा 34 और 158।


