मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर आपसी खींचतान और बयानों का दौर शुरू हो गया है। चुनाव परिणामों में मिली हार और सीटों के बंटवारे को लेकर घटक दलों के नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के नेता नितेश राणे ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देखना होगा कि शकुनी मामा कौन है। इस बयान के बाद गठबंधन के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और अधिक स्पष्ट हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, परिणामों के आने के तुरंत बाद से ही राजनीतिक हलकों में जुबानी जंग तेज हो गई है।
दूसरी तरफ, शिवसेना के शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने इन आरोपों और बयानों पर अपनी असहमति जताई। उनका पक्ष था कि इस प्रकार के बयान देना पूरी तरह से उचित नहीं है। गठबंधन के साझीदार दलों के नेताओं के इन विरोधी रुख से राजनीतिक गलियारों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सीटों के बंटवारे और हार पर आरोप
अंग्रेजी समाचार पत्र द हिंदू में प्रकाशित विवरण के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सहयोगी शिवसेना को लालची करार दिया है। भाजपा का ऐसा मानना रहा है कि चुनाव के दौरान सीटों का अनुचित वितरण किया गया था जिसकी वजह से नुकसान उठाना पड़ा।
इसके विपरीत, शिवसेना की तरफ से इस हार का ठीकरा भाजपा के सिर फोड़ा गया है। शिवसेना का तर्क है कि सीटों का बंटवारा सही तरीके से नहीं किया गया था और इसी कारणवश पराजय का सामना करना पड़ा।
विभिन्न माध्यमों से सामने आ रही इन जानकारियों के आधार पर गठबंधन के दोनों प्रमुख दलों के बीच आपसी समन्वय की कमी साफ दिख रही है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के आने वाले दिनों में क्या परिणाम होंगे, इस पर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें:
- MLC Result 2026: चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर कौन कहां से जीता
- पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे: भाजपा 208 सीटें जीतकर पहली बार सत्ता में
स्रोत: इंडिया टीवी; द हिंदू
और पढ़ें: आपके लिए चुनी गई ख़बरें → (प्रायोजित)


